चित्तौड़गढ़। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के निर्देशन में साइबर अपराधों की रोकथाम और आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से साइबर थाना पुलिस ने सोमवार को मेवाड़ यूनिवर्सिटी कैंपस, गंगरार एवं हिंदुस्तान जिंक के जिंक कौशल केंद्र में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
कार्यक्रम में साइबर थाना प्रभारी डीवाईएसपी रविंद्र प्रताप सिंह एवं पुलिस निरीक्षक सुमन कुमार ने विद्यार्थियों, फैकल्टी सदस्यों और उपस्थित लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल व लिंक, ओटीपी एवं यूपीआई फ्रॉड, सोशल मीडिया अपराध, फर्जी निवेश योजनाओं, साइबर ब्लैकमेलिंग और डिजिटल अरेस्ट जैसी ठगी से बचाव की जानकारी दी।
पुलिस अधिकारियों ने ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, एटीएम/डेबिट कार्ड विवरण, पासवर्ड और अन्य निजी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा नहीं करने की अपील की। साइबर अपराध होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराने तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से शिकायत करने की प्रक्रिया भी समझाई गई।
छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण-
कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की महिला कांस्टेबल दुर्गा ने महिलाओं एवं छात्राओं को आत्मरक्षा के तरीके बताए। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में सावधानी बरतने, आत्मविश्वास के साथ सामना करने तथा जरूरत पड़ने पर महिला सुरक्षा हेल्पलाइन और पुलिस सहायता लेने की जानकारी दी।
कार्यक्रम में मेवाड़ यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. डॉ. आलोक मिश्रा, डीन एकेडमिक्स प्रो. डॉ. दीपक व्यास, डीन ह्यूमैनिटीज डॉ. फरीन खान, मैनेजमेंट विभागाध्यक्ष राजेश भट्ट, विधि अध्ययन विभागाध्यक्ष गीतांजलि शर्मा, ओएसडी एच. विधानी सहित करीब 400 विद्यार्थी एवं फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे। पुलिस ने विद्यार्थियों से स्वयं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने और परिवार व आसपास के लोगों को भी जागरूक करने की अपील की।