दतिया। पण्डोखर धाम में विगत दिनों लगभग 75 वर्षीय महिला निर्मला देवी ने पण्डोखर सरकार के दरबार में आकर अपने परिवार की समस्या बतलाते हुए अर्जी लगाई कि मेरा पति कई वर्षों से मुझसे दूर है और किसी रामपाल गुरु के चक्कर में पड़ा हुआ है। इस पर पण्डोखर सरकार धाम पीठाधीश्वर गुरुशरण महाराज ने वृद्ध महिला से पूछा कि यह रामपाल कौन है तो उसने बताया की कोई रामपाल गुरु हरियाणा में है, जो जेल में पड़ा हुआ है। उसी के बहकावे में आकर पति उससे दूर रहता है। गुरुशरण महाराज ने वृद्घा को मदद करने का आश्वासन देते हुए कहा कि जो खुद अपने आपको ब्रह्मज्ञानी और तत्वज्ञानी समझता या बतलाता है और माता पिता या पत्नी को छोड़ने की शिक्षा देता हो वह तत्वज्ञानी कैसे हो सकता है। गुरुशरण महाराज ने कहा कि अच्छे-अच्छे ऋषि महर्षि भी विवाहित रहकर परिवार धर्म निभाते थे।उन्होंने तथाकथित संत रामपाल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब तुम भी कहीं न कहीं इस प्रक्रिया में लिप्त हो, साथ ही श्री गुरुशरण जी महाराज ने कहा कि रामपाल को यदि सच जानना है तो वह पण्डोखर धाम आ जाएं। उन्हें यहाँ सनातन की शक्तियों का एहसास हो जाएगा, उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में ऐसी - ऐसी शक्तियां हैं, मंत्र विद्या है और काव्य हैं जिनसे जीवन का मोक्ष ही जाता है। सनातन के ग्रंथों में ही वह ज्ञान भरा पड़ा हुआ है जिसे प्राप्त कर व्यक्ति ब्रह्मज्ञानी बन सकता है। भारतीय संस्कृति और उसकी परंपराओं का जो निर्वहन करता है वह स्वयं दुनिया को प्रकाश देने वाला अर्थात गुरु बन जाता है।