भौरासा। श्राद्ध पक्ष की पूर्णिमा के अवसर पर बाबा भंवरनाथ जी मंदिर परिसर में विभिन्न समाजों के लोगों ने सामूहिक पिंडदान एवं तर्पण किया। श्रद्धालुओं ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए विधि-विधान से पूजन कर पारंपरिक अनुष्ठान संपन्न किए।
नगर पुरोहित पंडित मनोज जोशी ने श्राद्ध पक्ष के महत्व पर प्रकाश डालते हुए दानवीर कर्ण की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि मान्यता के अनुसार कर्ण ने जीवनभर दान किया, लेकिन पितरों की सेवा और तर्पण नहीं किया था। इसी कथा के माध्यम से उन्होंने पितृ सेवा, श्राद्ध और तर्पण की धार्मिक परंपरा का महत्व बताया।
नगर परिषद अध्यक्ष एवं नगर परसाई संजय जोशी ने बताया कि बाबा भंवरनाथ मंदिर परिसर में प्राचीन पीपल-वट वृक्ष, रानी दमयंती तालाब और प्राचीन कुंड सहित धार्मिक स्थलों के संगम के कारण यहां हर वर्ष श्राद्ध पक्ष में पितरों का तर्पण किया जाता है। उन्होंने कहा कि सुख-दुख की परिस्थितियों में भी व्यक्ति को अपना कर्म और परंपराएं नहीं भूलनी चाहिए।