ग्वालियर। मोहन सरकार दो माह का समय बीतने के बाद भी ग्वालियर आईजी के लिए अपनी पसंद का आईपीएस अफसर नहीं तलाश पाई है।
यह पद दो माह से डीआईजी के पास अतिरिक्त प्रभार में है। इस बीच ग्वालियर चंबल रीजन में चंबल कमिश्नर का पद भी 30 सितंबर को खाली होने वाला है। चंबल कमिश्नर सुरेश कुमार कल रिटायर होने वाले हैं। यहां भी नए अधिकारी की पदस्थापना का इंतजार है।
दूसरी ओर मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव की बैठक के बाद अब अफसरों को भी प्रशासनिक सर्जरी का इंतजार है क्योंकि कई अधिकारियों के पास वर्कलोड है तो किसी के पास काम नहीं है।
ग्वालियर आईजी अरविन्द सक्सेना 31 जुलाई को रिटायर हो गए थे। इसके बाद से इस पद पर अब तक कोई अधिकारी पदस्थ नहीं हो पाया है। बताया जाता है कि दो माह से रिक्त पद पर अधिकारी की पोस्टिंग का मामला इस क्षेत्र के दिग्गज राजनीतिज्ञों के बीच आपसी तालमेल नहीं बन पाने के कारण अटका हुआ है।
इस रीजन में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत अन्य दिग्गज नेताओं की राजनीतिक सहमति के बाद ही इस पद पर अधिकारी की पोस्टिंग होने की बात कही जा रही है।
अफसरों की पोस्टिंग का मामला सागर रेंज के आईजी को लेकर भी उलझा रहा था लेकिन इसी महीने सागर में जहरीली शराब कांड के बाद दुबई से लौटने पर सीएम ने इरशाद वली को आईजी सागर की जिम्मेदारी सौंपी है। दूसरी ओर चंबल कमिश्नर सुरेश कुमार के बुधवार को रिटायर होने के बाद यहां भी नए आईएएस अधिकारी की पदस्थापना किया जाना बाकी है।
राज्यपाल के प्रमुख सचिव कोठारी केंद्र जाने की तैयारी में
इस बीच प्रशासनिक हल्कों से यह बात सामने आई है कि राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ नवनीत मोहन कोठारी फिर केंद्र में जाना चाहते हैं। वे दो साल पहले ही केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे हैं।
राज्य सरकार ने जुलाई 2025 से उन्हें राज्यपाल का प्रमुख सचिव बना रखा है और वे सवा साल से यहां पदस्थ हैं। ऐसे में कोठारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की मंशा जाहिर कर चुके हैं।