देवास। मंगलवार को महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों ने 4 महीने से मानदेय और खाद्य राशि नहीं मिलने पर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। महिलाओं ने परिसर में बर्तन बजाकर नारेबाजी की।
अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना है कि स्कूलों में बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन बनाने की जिम्मेदारी उनके समूहों पर है। लेकिन भुगतान नहीं मिलने से व्यवस्था चलाना मुश्किल हो रहा है।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने नारे लगाए- चार हजार में दम नहीं, दस हजार से कम नहीं। समूह की सदस्य सरोज ठाकुर ने बताया कि 16 जून से स्कूल शुरू होने के बाद भी गेहूं-चावल और खाद्य राशि समय पर नहीं मिली है।
रसोइयों का मानदेय भी अटका हुआ है। इससे बच्चों को मेन्यू के अनुसार भोजन देने में आर्थिक परेशानी हो रही है। समूहों पर उधारी बढ़ रही है।
हटाने की धमकी देने का आरोप
प्रदर्शन में शामिल अर्जुन बैरागी ने बताया कि उन्हें स्कूलों से जुड़े शिक्षकों की ओर से भी दबाव का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भुगतान जल्द नहीं आया तो उन्हें हटाने की बात कही जा रही है।
महिलाओं ने कहा कि वे बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने की लगातार व्यवस्था कर रही हैं। लेकिन बिना भुगतान के यह जिम्मेदारी निभाना मुश्किल होता जा रहा है।
फंड आने पर भुगतान का आश्वासन
प्रदर्शन के बाद महिलाओं ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर लंबित मानदेय और खाद्य राशि का भुगतान जल्द कराने की मांग की।
अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि फंड आने पर लंबित राशि का भुगतान किया जाएगा। महिलाओं का कहना है कि समस्या केवल कुछ समूहों की नहीं, बल्कि पूरे जिले के महिला समूहों की है।