नीमच। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक कलेक्टर हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, क्षय एवं मलेरिया नियंत्रण, एड्स नियंत्रण, जननी सुरक्षा योजना, प्रसूति सहायता योजना, आयुष्मान भारत एवं परिवार कल्याण सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी के निर्देश-
मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने प्रत्येक गर्भवती महिला का समय पर पंजीयन, हाई रिस्क गर्भावस्था का चिन्हांकन और उचित प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सेक्टर मेडिकल ऑफिसरों को एएनसी पंजीयन तथा हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के चिन्हांकन एवं प्रबंधन की नियमित समीक्षा करने को कहा। साथ ही अनमोल एवं यू-विन पोर्टल का स्वयं संचालन करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रत्येक गर्भवती महिला का प्रथम त्रैमास में पंजीयन कर समग्र आईडी बनवाते हुए अनमोल पोर्टल पर पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य संस्थाओं में प्रसव पूर्व कम से कम चार जांच भी सुनिश्चित करने को कहा गया।
सभी हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की संभावित प्रसव तिथि से 15 दिन पूर्व प्रतिदिन ट्रैकिंग शुरू करने तथा उनका प्रसव उच्च स्तरीय स्वास्थ्य संस्था में कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
टीकाकरण में लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश-
कलेक्टर ने पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को आयु अनुसार आवश्यक टीके लगवाने के निर्देश दिए। टीकाकरण के प्रति प्रतिरोधी परिवारों वाले क्षेत्रों में महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने को कहा गया।
कम उम्र में गर्भधारण करने वाली महिलाओं को विशेष देखभाल एवं आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग को समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए गए।
सिंगोली एवं मनासा के एनबीएसयू का जिला टीकाकरण अधिकारी द्वारा नियमित भ्रमण कर सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा अनावश्यक रेफरल पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत आगामी माह में सघन सर्वे कर जन्मजात विकृतियों वाले बच्चों का चिन्हांकन करने को भी कहा गया।
बैठक में मातृ मृत्यु, बाल एवं शिशु मृत्यु, एचबीएनसी, क्षय एवं मलेरिया नियंत्रण, एड्स नियंत्रण, जननी सुरक्षा योजना, प्रसूति सहायता योजना के भुगतान, आयुष्मान भारत कार्ड निर्माण तथा परिवार कल्याण कार्यक्रम की प्रगति में आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए।
6 अक्टूबर को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस-
बैठक में 6 अक्टूबर को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. मुकेश मोरिया ने अभियान की तैयारियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अमन वैष्णव ने महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि शैक्षणिक संस्थाओं में अध्ययनरत एवं शाला त्यागी सभी लक्षित बच्चों का आवश्यक रूप से कृमिनाशन कराया जाए।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत 6 अक्टूबर को लक्षित बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाई जाएगी। अभियान के दौरान दवा लेने से छूटे बच्चों के लिए 9 अक्टूबर को मॉप-अप दिवस आयोजित किया जाएगा।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अमन वैष्णव, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश प्रसाद, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. महेंद्र पाटील, जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश गुप्ता, समस्त खंड चिकित्सा अधिकारी, सेक्टर मेडिकल ऑफिसर, नोडल अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।