चित्तौड़गढ़। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर जिले को कुष्ठ रोग मुक्त बनाने के संकल्प के साथ विशेष जनजागरूकता अभियान आयोजित किया गया। अभियान के तहत जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में आयोजित ग्राम सभाओं के साथ स्कूलों, प्रशिक्षण केंद्रों एवं चिकित्सा संस्थानों में आमजन को कुष्ठ रोग के प्रति जागरूक किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ताराचंद गुप्ता ने बताया कि अभियान के दौरान चिकित्सा कर्मियों ने ग्रामीणों और उपस्थित नागरिकों को सरल भाषा में कुष्ठ रोग के कारण, लक्षण, बचाव, उपचार एवं नियंत्रण के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग लाइलाज बीमारी नहीं है। समय पर पहचान कर नियमित रूप से मल्टी ड्रग थेरेपी (एमडीटी) लेने से इसका पूरी तरह उपचार संभव है।
उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य) डॉ. पुनीत कुमार तिवारी ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य कुष्ठ रोग को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों और इससे जुड़े सामाजिक कलंक को दूर करना है। उन्होंने कहा कि जागरूकता के माध्यम से रोग की समय पर पहचान और उपचार को बढ़ावा देकर कुष्ठ रोग उन्मूलन के प्रयासों को गति दी जा सकती है।
अभियान के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों, विद्यार्थियों एवं क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों ने सहभागिता की। उपस्थित लोगों ने कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता फैलाने और इसके उन्मूलन में सहयोग करने का संकल्प भी लिया।