देवास। नागदमन नाले में प्रदूषण की समस्या को लेकर कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने औद्योगिक इकाइयों की समीक्षा बैठक ली। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में औद्योगिक प्रतिनिधियों और उद्योग संचालकों को पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि प्रदूषण नियंत्रण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर सिंह ने कहा कि औद्योगिक परिसरों में स्थापित एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) का शत-प्रतिशत और सुचारू संचालन सुनिश्चित करना उद्योग संचालकों का नैतिक एवं कानूनी दायित्व है। औद्योगिक अपशिष्ट और उत्सर्जन की पारदर्शी निगरानी के लिए सभी संबंधित उद्योगों को एक सप्ताह के भीतर अपने ETP में उपयोग होने वाली बिजली की खपत पर नजर रखने के लिए स्मार्ट मीटर लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि ETP के संचालन और बिजली की खपत से संबंधित रियल-टाइम डेटा प्रशासन तथा संबंधित नियामक विभागों के साथ साझा करना होगा, ताकि संयंत्रों के संचालन की प्रभावी निगरानी की जा सके।
प्रदूषण की 24 घंटे निगरानी के निर्देश-
बैठक में कलेक्टर ने सभी संबंधित उद्योगों में ऑनलाइन सतत अपशिष्ट एवं उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (OCEMS) का अनिवार्य रूप से उपयोग करने के निर्देश दिए। इससे प्रदूषण नियंत्रण की स्थिति पर 24 घंटे निगरानी रखी जा सकेगी।
कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने औद्योगिक इकाइयों को निर्धारित पर्यावरणीय मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने के लिए एक माह की समय-सीमा दी। उन्होंने कहा कि जिले में औद्योगिक विकास महत्वपूर्ण है, लेकिन पर्यावरण संरक्षण और आमजन के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
बैठक में निगमायुक्त दलीप कुमार, मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम के क्षेत्रीय कार्यालय उज्जैन के कार्यकारी राजेश राठौड़ सहित विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।