देवास। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर 10 अक्टूबर को राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जिला चिकित्सालय देवास में मानसिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। शिविर में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से ग्रस्त 51 मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक परामर्श दिया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सरोजिनी जेम्स बेक ने बताया कि वर्तमान समय में कार्यक्षेत्र और दैनिक जीवन में बढ़ता मानसिक तनाव शारीरिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव डाल सकता है। विशेष रूप से कार्यालयों में काम करने वाले लोगों में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समय पर उचित परामर्श एवं उपचार लेना आवश्यक है। उन्होंने लोगों से स्वयं और अपने परिवार के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए संतुलित जीवनशैली अपनाने की अपील की।
तनाव और चिड़चिड़ापन हो सकते हैं मानसिक समस्या के संकेत-
जिला चिकित्सालय के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. धर्मेंद्र प्रजापति ने मानसिक रोगों के लक्षण और उपचार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तनाव, उदासी, घबराहट, चिंता, क्रोध, चिड़चिड़ापन और लोगों से मिलने-जुलने में रुचि कम होना मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के संकेत हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में कुछ लोग शराब, गुटखा, बीड़ी और सिगरेट का सहारा लेने लगते हैं, जिससे समस्या और गंभीर हो सकती है। मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का उपचार संभव है। ऐसे मरीज जिला चिकित्सालय स्थित मनकक्ष में पहुंचकर जांच, उपचार और परामर्श प्राप्त कर सकते हैं।
टेली-मानस हेल्पलाइन पर 24 घंटे मिलेगी सहायता-
डॉ. प्रजापति ने बताया कि मानसिक एवं भावनात्मक समस्याओं के समाधान के लिए टेली-मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 और 1800-891-4416 पर 24 घंटे, सातों दिन संपर्क कर सहायता एवं परामर्श प्राप्त किया जा सकता है।
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आयोजित जागरूकता सेमिनार में शासकीय नर्सिंग प्रशिक्षण केंद्र देवास की छात्राओं और अमलतास कॉलेज के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम में जिला चिकित्सालय के चिकित्सक, अधिकारी-कर्मचारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।