नीमच। वायु प्रदूषण से होने वाली बीमारियों की समय पर पहचान, जांच और उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला चिकित्सालय नीमच के ट्रॉमा सेंटर में विशेष चेस्ट क्लीनिक स्थापित की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश शासन के निर्देश और भारत सरकार के मार्गदर्शन में यह क्लीनिक 15 अक्टूबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक संचालित होगी।
चेस्ट क्लीनिक में सभी आयु वर्ग के लोगों की वायु प्रदूषण से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं की स्क्रीनिंग, जोखिम का आकलन, निदान, उपचार, परामर्श और नियमित फॉलोअप की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
जांच और उपचार के लिए जरूरी उपकरण उपलब्ध-
क्लीनिक में मरीजों की आवश्यकता के अनुसार दवाइयों के साथ ऑक्सीजन सिलेंडर, नेबुलाइजर, पल्स ऑक्सीमीटर, स्पाइरोमीटर और अन्य आवश्यक आपातकालीन उपकरण उपलब्ध रहेंगे। इससे सांस संबंधी समस्याओं से प्रभावित मरीजों को समय पर आवश्यक चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी।
वायु प्रदूषण से बचाव के उपायों की मिलेगी जानकारी-
चेस्ट क्लीनिक में मरीजों और उनके परिजनों को वायु प्रदूषण से बचाव के लिए जागरूक भी किया जाएगा। इसके तहत धूम्रपान छोड़ने, सुबह और देर शाम प्रदूषण के अधिक प्रभाव वाले समय में बाहर निकलने से बचने, घरों में गीले पोछे का उपयोग करने, कचरा एवं पराली नहीं जलाने तथा एलपीजी और बिजली जैसे स्वच्छ ईंधन अपनाने की सलाह दी जाएगी। जरूरत के अनुसार एन-95 या एन-99 मास्क के उपयोग की जानकारी भी दी जाएगी।
अन्य स्वास्थ्य सेवाओं से भी समन्वय-
मरीजों को बेहतर और निरंतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए चेस्ट क्लीनिक को गैर-संचारी रोग नियंत्रण क्लीनिक (एनसीडी क्लीनिक), तंबाकू मुक्ति केंद्र और टीबी यूनिट से जोड़ा गया है।
लक्षण दिखने पर चिकित्सकीय सलाह लें-
स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर विशेष सावधानी बरतें। खांसी, सीने में जकड़न या सांस लेने में परेशानी होने पर जिला चिकित्सालय नीमच के ट्रॉमा सेंटर स्थित चेस्ट क्लीनिक में संपर्क कर चिकित्सकीय परामर्श लें।