मंदसौर। मंदसौर जिले में वर्ष 2026-27 के रबी सीजन में 1 लाख 65 हजार 87 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराया जाएगा। बुधवार को आयोजित जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक में यह जानकारी दी गई। बैठक में सुवासरा विधायक हरदीप सिंह डंग, कलेक्टर दिव्यांक सिंह और जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री विजेंद्र सिंह डोडवे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में विधायक हरदीप सिंह डंग ने शामगढ़ सिंचाई परियोजना सहित किसानों के हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की और जल संसाधन विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रबी सीजन में किसानों को सिंचाई के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
कलेक्टर दिव्यांक सिंह ने विभागीय अधिकारियों को सुनियोजित कार्ययोजना तैयार कर किसानों को सिंचाई के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
तालाबों और सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं से मिलेगा पानी-
बैठक में कार्यपालन यंत्री विजेंद्र सिंह डोडवे ने बताया कि वर्ष 2026-27 में जिले की चार सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं से लगभग 1 लाख 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जाएगी। इसके अलावा विभिन्न उपसंभागों के तालाबों से भी सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
विभागीय जानकारी के अनुसार, मल्हारगढ़ उपसंभाग के 22 तालाबों से 12,226 हेक्टेयर, सुवासरा के 58 तालाबों से 12,852 हेक्टेयर, गरोठ के 20 तालाबों से 600 हेक्टेयर, भानपुरा उपसंभाग के 23 तालाबों से 13,734 हेक्टेयर तथा गांधीसागर डूब क्षेत्र के एक तालाब से 600 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
कम पानी वाली फसलें लेने की अपील-
बैठक में किसानों से रबी सीजन के दौरान कम पानी की आवश्यकता वाली फसलें लेने की अपील की गई। साथ ही बताया गया कि विभागीय तालाबों से सिंचाई के लिए पानी लेने हेतु जल संसाधन विभाग से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) लेना अनिवार्य होगा।
अधिकारियों ने बताया कि मल्हारगढ़ क्षेत्र के काका साहब गाडगिल तालाब से मंदसौर जिले के कचरिया देव और बरखेड़ा देव सहित नीमच जिले के देवीपुरा एवं पलसोड़ा जैसे दूरस्थ गांवों के किसानों को रबी सीजन में केवल दो सिंचाइयों के लिए पानी उपलब्ध हो सकेगा।