मंदसौर। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक ग्रामवासी को जल जीवन मिशन के तहत वर्षभर स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में विभाग के कार्यपालन यंत्री वैभव भावसार के निर्देशन में मल्हारगढ़ विकासखंड के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नारायणगढ़ में जल गुणवत्ता परीक्षण संबंधी कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला में विकासखंड की 17 आशा सुपरवाइजर, उनके अधीन कार्यरत 199 आशा कार्यकर्ता, 35 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) और 42 एएनएम को फील्ड टेस्टिंग किट के माध्यम से पानी की गुणवत्ता जांचने का प्रशिक्षण दिया गया। पीएचई विभाग के जिला सलाहकार मुकेश गुप्ता और पीएमयू सलाहकार अंकित ठाकुर ने प्रशिक्षण प्रदान किया।
किट से 10 प्रकार की जांच करना सीखा-
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि फील्ड टेस्टिंग किट की सहायता से पानी के पीएच, फ्री क्लोरीन, कुल कठोरता, क्लोराइड, नाइट्रेट, टर्बिडिटी, फ्लोराइड, टोटल एल्केलिनिटी और अमोनिया सहित विभिन्न जल गुणवत्ता मानकों की प्रारंभिक जांच की जा सकती है। किट के साथ उपलब्ध निर्देश पुस्तिका की मदद से गांवों में ही पेयजल स्रोतों के पानी की जांच करना संभव होगा। इससे ग्रामीणों को पेयजल की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के प्रति जागरूक करने में भी मदद मिलेगी।
स्वच्छ पेयजल और बीमारियों से बचाव पर जोर-
कार्यशाला में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पेयजल स्रोतों को स्वच्छ रखने, नियमित क्लोरीनेशन करने और पीने के पानी का उचित भंडारण सुनिश्चित करने की जानकारी दी गई। साथ ही दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से बचाव, जल प्रदाय योजनाओं में जनभागीदारी बढ़ाने, पानी की बर्बादी रोकने और गांवों में स्वच्छता का वातावरण बनाए रखने के संबंध में भी जागरूक किया गया।
कार्यशाला में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. घनश्याम पाटीदार, बीईई ओमप्रकाश लोहार और बीसीएम दिलीप शर्मा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।