रतलाम। जिले के विद्यार्थियों एवं युवाओं को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सभी 6 विकासखंडों में ज्ञानार्जन लाइब्रेरी प्रारंभ की गई हैं। शुक्रवार को कलेक्टर अजय कटेसरिया एवं जनप्रतिनिधियों ने ग्राम पंचेड़ में ज्ञानार्जन लाइब्रेरी का शुभारंभ किया। इसके साथ ही जावरा, पिपलोदा एवं पंचेड़ स्थित लाइब्रेरी का निरीक्षण भी किया। इस दौरान विधायक मथुरालाल डामर, जिला विकास सलाहकार समिति के सदस्य प्रदीप उपाध्याय तथा जिला पंचायत सीईओ वैशाली जैन सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर कटेसरिया ने लाइब्रेरी में उपलब्ध पुस्तकों और अध्ययन सामग्री का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ बैठकर संवाद किया और उनकी पढ़ाई तथा अध्ययन संबंधी जरूरतों की जानकारी ली। कलेक्टर ने विद्यार्थियों से लाइब्रेरी में उपलब्ध सुविधाओं और उनकी उपयोगिता को लेकर भी चर्चा की।
पंचेड़ लाइब्रेरी के लिए 6 लाख रुपये खर्च
पंचेड़ में लाइब्रेरी के निर्माण के लिए जिला पंचायत सदस्यों द्वारा 15वें वित्त आयोग की निधि से 5 लाख रुपये तथा जनसहयोग से 1 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। विधायक मथुरालाल डामर ने लाइब्रेरी में एसी और इन्वर्टर की व्यवस्था के लिए विधायक निधि से राशि उपलब्ध कराने की घोषणा की। कार्यक्रम का संचालन खंड पंचायत अधिकारी कमलेश पालीवाल ने किया तथा आभार जनपद पंचायत रतलाम के सीईओ मनीष भंवर ने व्यक्त किया।
जिले के सभी 6 विकासखंडों में स्थापित हुईं लाइब्रेरी
विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराने के लिए जिले के सभी 6 विकासखंडों में ज्ञानार्जन लाइब्रेरी स्थापित की गई हैं। रतलाम विकासखंड के ग्राम पंचेड़ में प्राथमिक विद्यालय भवन तथा आलोट में नागेश्वर रोड, दशहरा मैदान के सामने स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय परिसर में लाइब्रेरी विकसित की गई है। वहीं बाजना, पिपलोदा, जावरा एवं सैलाना में जनपद पंचायत परिसर में लाइब्रेरी स्थापित की गई हैं।
कंप्यूटर, इंटरनेट और प्रतियोगी परीक्षाओं की सामग्री उपलब्ध
ज्ञानार्जन लाइब्रेरी में विद्यार्थियों के लिए आरामदायक कुर्सी-टेबल, विभिन्न विषयों की पुस्तकें, प्रतियोगी परीक्षाओं की अध्ययन सामग्री, कंप्यूटर सिस्टम और हाईस्पीड इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। विद्यार्थी यहां ऑनलाइन अध्ययन, ई-लर्निंग और डिजिटल शैक्षणिक सामग्री का उपयोग कर सकेंगे। लाइब्रेरी में शांत एवं व्यवस्थित वातावरण तैयार किया गया है, ताकि विद्यार्थी एकाग्रता के साथ पढ़ाई कर सकें।
दीदियां संभालेंगी लाइब्रेरी, साथ में चलेगा दीदी कैफे
ज्ञानार्जन लाइब्रेरी का संचालन आजीविका मिशन से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों द्वारा किया जाएगा। प्रत्येक लाइब्रेरी के साथ दीदी कैफे भी संचालित होगा, जहां विद्यार्थियों को चाय, कॉफी और हल्के नाश्ते की सुविधा मिलेगी। इससे महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों को आजीविका और स्वरोजगार का अवसर भी मिलेगा।
मात्र 1 रुपये प्रति घंटे में मिलेगी अध्ययन सुविधा
ज्ञानार्जन लाइब्रेरी में विद्यार्थी मात्र 1 रुपये प्रति घंटे की दर से अध्ययन कर सकेंगे। इससे ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को भी आधुनिक अध्ययन संसाधनों का लाभ मिलेगा। इन लाइब्रेरी के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, उच्च शिक्षा और नियमित अध्ययन के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।