निंबाहेड़ा। मेवाड़ की प्रसिद्ध श्री शेषावतार कल्लाजी वेदपीठ पर इस बार पंच दिवसीय दीपोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। दीपोत्सव के अवसर पर वेदपीठ को पहली बार करीब 25 क्विंटल गन्ने के पौधों से सजाया जा रहा है। गन्ने से की जा रही यह विशेष सजावट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं और सजावट देखने तथा ठाकुरजी के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
दीपोत्सव के तहत धनतेरस से ही धार्मिक आयोजनों की शुरुआत हो गई। शुक्रवार को धनतेरस पर ठाकुरजी को भगवान धन्वंतरि का स्वरूप प्रदान कर विशेष शृंगार किया गया। इस अवसर पर आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि का पूजन भी किया गया। वहीं, दिवंगत आयुर्वेदाचार्य हरिप्रसाद त्रिवेदी की स्मृति में उनके सुपुत्र पीयूष त्रिवेदी ने आयुर्वेद से संबंधित पुस्तकें और ग्रंथ वेदपीठ को भेंट किए।
इसके साथ ही ठाकुरजी के आकर्षक रथ सहित कल्याण भक्तों के दोपहिया और चारपहिया वाहनों का वेदपीठ के आचार्यों एवं बटुकों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सामूहिक पूजन किया।
महालक्ष्मी पूजन और दीपों से जगमगाएगी वेदपीठ-
कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी पर ठाकुरजी की संध्या महाआरती के बाद वेदपीठ परिसर में वैभव पूजन किया जाएगा। दीपावली पर शुभ मुहूर्त में महालक्ष्मी पूजन होगा। वेदपीठ के आचार्य एवं बटुक नगर के व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर भी वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महालक्ष्मी पूजन करवाएंगे। इस दौरान कल्याणनगरी सहित देश-प्रदेश में सुख, समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामना की जाएगी। ठाकुरजी को श्रीराम स्वरूप में सुसज्जित कर कल्याणनगरी को अयोध्या के स्वरूप में सजाने की तैयारियां भी की जा रही हैं। वेदपीठ परिसर को सतरंगी रोशनी और दीपों से जगमग किया जाएगा।
विष्णु सहस्रनाम हवन और श्री सूक्त पाठ होगा-
कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा से वेदपीठ के आचार्यों एवं बटुकों द्वारा विष्णु सहस्रनाम की आहुतियों के साथ हवन और श्री सूक्त पाठ का अनुष्ठान शुरू किया जाएगा। यह अनुष्ठान देव प्रबोधनी एकादशी तक प्रतिदिन जारी रहेगा। इसका उद्देश्य सर्वकल्याण के साथ सभी के सुखी और निरोगी जीवन की मंगलकामना करना है।
गौशाला में होगी गोवर्धन पूजा, देवउठनी एकादशी पर 56 भोग-
गोवर्धन पर्व पर कल्याण लोक स्थित कल्याण गौशाला में भगवान गोवर्धननाथ और गौमाता का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन किया जाएगा। इस अवसर पर गायों को लापसी, गुड़, मिष्ठान और हरे चारे का भोग लगाया जाएगा। साथ ही गौसेवा के विशेष आयोजन होंगे। वहीं, देव प्रबोधनी एकादशी पर ठाकुरजी का विशेष शृंगार कर 56 भोग और भव्य अन्नकूट महोत्सव आयोजित किया जाएगा। संध्या महाआरती के बाद श्रद्धालुओं को अन्नकूट की महाप्रसादी वितरित की जाएगी।