मंदसौर। दीपावली के पावन अवसर पर मंदसौर के करीब 500 वर्ष पुराने श्री लक्ष्मी-नारायण मंदिर में जिला धार्मिक उत्सव समिति की ओर से विशेष धार्मिक आयोजन किया गया। इस दौरान भगवान श्री लक्ष्मी-नारायण को नई पोशाक और पावन ध्वजा अर्पित की गई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महाआरती हुई। इससे पहले ढोल-ढमाकों, भजन-कीर्तन और जयकारों के साथ धार्मिक यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत नयापुरा रोड स्थित श्री बालाजी मंदिर (जाटों का मंदिर) में पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद श्रद्धालु हाथों में पावन ध्वजा लेकर ढोल-ढमाकों और भजन-कीर्तन के साथ श्री लक्ष्मी-नारायण मंदिर के लिए रवाना हुए। पूरी यात्रा के दौरान श्रद्धालु ‘जय श्री लक्ष्मी-नारायण’ के जयकारे लगाते रहे।
मंदिर पहुंचने पर भगवान श्री लक्ष्मी-नारायण की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। संतों की मौजूदगी में भजन-कीर्तन हुआ और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महाआरती की गई। इसके बाद भगवान को नई पोशाक और पावन ध्वजा अर्पित की गई। श्रद्धालुओं ने दर्शन कर नगर और नागरिकों के सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
जिला धार्मिक उत्सव समिति के विनय दुबेला, विनोद मेहता और कमलेश जैन ने बताया कि दीपावली के अवसर पर माता लक्ष्मी और भगवान नारायण को नई पोशाक अर्पित की गई। आयोजन का उद्देश्य पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाना है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन नई पीढ़ी को आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ सामाजिक समरसता और एकता को भी मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम में गुरुदेव दशरथ भाईजी शर्मा, स्वामी मृत्युंजय चौतन्य महाराज, पंडित शैलेश उपाध्याय, अनीता दीदी, पंडित विशाल जोशी सहित अनेक संत, धर्मगुरु और श्रद्धालु मौजूद रहे।