भोपाल। मध्य प्रदेश में आगामी विधानसभा के शीतकालीन सत्र को लेकर सियासी पारा अभी से चढ़ने लगा है। सत्र की अवधि और कामकाज को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने 5 दिन के छोटे सत्र को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है, वहीं कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने भी पलटवार करते हुए कांग्रेस पर केवल राजनीति और नाटक करने का आरोप लगाया है।
‘सरकार जनता के सवालों से भाग रही है’: उमंग सिंघार
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बयान देते हुए कहा कि विधानसभा का शीतकालीन सत्र मात्र 5 दिनों का रखा गया है, जिसमें प्रदेश की जनता के सवालों के जवाब पूरे नहीं मिल सकते। सरकार जानबूझकर जनता के बुनियादी सवालों से भाग रही है। उन्होंने कहा कि विधायक अपने क्षेत्र की जनता, किसानों और युवाओं के मुद्दों पर बात करना चाहते हैं। हम सदन में कर्मचारियों के हितों, किसानों की समस्याओं, शराब कांड और बिगड़ती कानून व्यवस्था पर गंभीर चर्चा करना चाहते हैं। सरकार लोकतंत्र को बचाने की बात तो कहती है, लेकिन सत्र छोटा रखकर जनता को जवाब देने से कतरा रही है और सिर्फ अनुपूरक बजट के लिए समय निकाल रही है।
‘सुर्खियों में रहने के लिए कांग्रेस करती है नाटक’: BJP
नेता प्रतिपक्ष के बयानों पर तीखा पलटवार करते हुए मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि यह बहुत अच्छा होता यदि प्रतिपक्ष यह भी जनता को बताता कि पिछले कितने सत्रों में कांग्रेस ने सदन में क्या रचनात्मक काम किया है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि कांग्रेस एक भी ऐसा सत्र बता दे जिसका उपयोग नेता प्रतिपक्ष और उनके विधायकों ने जनता की समस्याओं के निराकरण के लिए किया हो। मंत्री ने कहा कि कांग्रेस विधायक केवल अपना चेहरा चमकाने और मीडिया की सुर्खियों में बने रहने के लिए नाटक-नौटंकी करते हैं और विधानसभा सत्र का दुरुपयोग करते हैं। हमारी पार्टी सदन के हर पल का सदुपयोग कर जनता की समस्याओं का समाधान करती है। यदि सही नीयत से सत्र का उपयोग किया जाए, तो 5 दिन का समय भी पर्याप्त है।
7 से 11 दिसंबर तक चलेगा शीतकालीन सत्र
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश विधानसभा का आगामी शीतकालीन सत्र 7 दिसंबर से 11 दिसंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इस पांच दिवसीय सत्र के दौरान कुल पांच बैठकें होंगी। राज्यपाल मंगू भाई पटेल के आदेशानुसार विधानसभा सचिवालय ने सत्र आहूत करने की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। सत्र के दौरान प्रश्नकाल भी होगा और विभिन्न विधाई कार्य संपन्न किए जाएंगे।
प्रस्ताव और नोटिस जमा करने की समयसीमा तय
विधानसभा सचिवालय द्वारा सत्र के लिए अलग-अलग प्रस्तावों और सूचनाओं के नोटिस जमा करने की तिथियां निर्धारित कर दी गई हैं: