सेगांव। जब लोग दीपावली का त्योहार रोशनी और आतिशबाजी के बीच मना रहे थे, उस समय सेगांव के कुछ युवाओं ने जरूरतमंद बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाकर त्योहार की खुशियां बांटने की अनूठी पहल की। “यह दिवाली अपनों के संग” अभियान के तहत युवाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों के ऐसे बच्चों के साथ दीपावली मनाई, जिनके परिवारों के लिए त्योहार पर मिठाई और अन्य खुशियों का इंतजाम करना आसान नहीं होता।
युवा टोली भिकारखेड़ी, जिरातपुरा और कचनारवाड़ी गांव पहुंची। यहां बच्चों को चिप्स, कुरकुरे, केक, चॉकलेट और मिठाइयां वितरित की गईं। उपहार और खाने-पीने की सामग्री पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। उनकी खुशी और मुस्कान ने इस पहल को यादगार बना दिया।
पांच युवाओं ने अपने खर्च से चलाया अभियान-
इस मुहिम की अगुवाई पुजारी केशव शर्मा, आयुष पटेल, दक्ष यादव, संदीप यादव और कोशल मुकाती ने की। खास बात यह रही कि युवाओं ने किसी संस्था या चंदे का सहारा लेने के बजाय अपने खर्च से पूरी पहल को अंजाम दिया। वे अपनी गाड़ियों से गांव-गांव पहुंचे और बच्चों के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं।
बच्चों की मुस्कान में मिला आशीर्वाद-
पुजारी केशव शर्मा ने कहा कि मंदिर में दीप जलाने से पुण्य मिलता है, लेकिन किसी बच्चे के चेहरे पर मुस्कान लाने से जो आशीर्वाद मिलता है, वह अनमोल है। युवा इसी आशीर्वाद को पाने के उद्देश्य से गांवों में पहुंचे थे।
युवाओं की इस पहल की गांव के बुजुर्गों और ग्रामीणों ने सराहना की तथा उन्हें आशीर्वाद दिया। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसी पहल हर साल होनी चाहिए, ताकि त्योहार की खुशियां हर बच्चे तक पहुंच सकें।
सेगांव के इन युवाओं ने अपनी छोटी-सी पहल से यह संदेश दिया कि समाज सेवा के लिए बड़े संसाधनों की नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और इच्छाशक्ति की जरूरत होती है। बच्चों के चेहरों पर आई मुस्कान ही उनके लिए दीपावली की सबसे बड़ी खुशी बनी।