रतलाम। जिले में आयरन अल्पता अनीमिया जागरूकता सप्ताह का आयोजन 26 नवंबर से 2 दिसंबर तक किया जाएगा। सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर ननावरे ने बताया कि जब शरीर में आयरन की कमी हो जाती है तो इसे अनीमिया कहते हैं। अनीमिया के लक्षण थकान लगना, सॉस फूलना, हाथों और पेरों का सुन्न पडना, दैनिक कार्यों में थकावट, आंखों के नीचे और जीभ का पीलापन, बार-बार बीमार पडना, ध्यान और एकाग्रता में कमी मुख्य है। अनीमिया के प्रमुख कारण आयरनयुक्त भोजन का सेवन ना करना, आयरन की गोली या सिरप का सेवन ना करना, मासिक रक्त स्राव, पेट में कृमि होना, आयु के अनुसार शरीर की आवश्यकता बढना, गर्भावस्था आदि है।
अनीमिया से बचने के लिए आयरन सिरप, आयरन की गुलाबी नीली लाल गोली का सेवन, अमीनिया की जांच उपचार एवं रेफरल, कृमिनाशक गोलियों का सेवन, आयरन फोलिक एसिड विटामिन बी 12 से युक्त फोर्टिफाईड आहार का सेवन, आयरन युक्त, खाद्य पदार्थों का सेवन एवं खटटे फलों का उपयोग, व्यक्तिगत खानपान से संबंधित स्वच्छता आदि का उपयोग करना चाहिए। भोज्य पदार्थों में हरी पत्तेदार सब्जियां, टमाटर, नींबू, आंवला आदि का उपयोग करना चाहिए। भोजन के बाद चाय, कॉफी, सिगरेट, गुटका जंक फुड का उपयोग नहीं करना चाहिए। जागरूकता सप्ताह के दौरान लाभार्थियों को आयरन युक्त भोजन अपनाने की शपथ दिलाना, पोषण मटके से आहार विविधता पर परामर्श, ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता पोषण दिवस पर हीमोग्लोबीन की जॉच, अनीमिक लाभार्थी का अस्पताल में रेफरल, आयरन के सतत सेवन हेतु परामर्श संबंधी गतिविधियों का आयोजन विभागीय मैदानी अमले द्वारा किया जाएगा।