मंदसौर। जिले की नारायणगढ तहसील न्यायालय नारायणगढ में मप्र हाईकोर्ट खंडपीठ इंदौर के पोर्टफोलियों न्यायमूर्ति अमरनाथ केसरवानी ने नवनिर्मित मध्यस्थता केंद्र का लोकार्पण किया एवं नए बाल सुलभ (चाईल्ड फेन्डली) न्यायालय कक्ष शिलान्यास एवं भूमि पूजन किया।
इस दौरान न्यायालय परिसर में सभी को संबोधित करते हुए कहा कि इस मध्यस्थता केंद्र की उपयोगिता तभी सार्थक है जब इसमें अधिक से अधिक राजीनामें हो, इसमें पक्षकारों का समय और धन दोनों बचेगें इसके साथ ही न्यायालय पर प्रकरणों का भार कम होगा।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजीत सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और न्यायालय परिसर में संबोधित करते हुये कहा कि मध्यस्थता केन्द्र एवं बाल सुलभ व उद्देश्य की जानकारी मध्यस्थता केन्द्र जैसे की नाम से विधित है विवाद दो पक्षों में होते है, दो पक्षों के बीच किसी समस्या का समाधान निकले उसे मध्यस्थता कहते है और बाल सुलभ (चाईल्ड फेन्डली) के बारे में भी जानकारी दी।
जिला विधिक सेवा के सचिव हर्षसिंह बहरावत ने भी संबोधित किया व व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड नारायणगढ साजिद मोहम्मद ने नारायणगढ न्यायालय के इतिहास के बारे में जानकारी दी।
अभिभाषक संघ बार एसोसिएशन अध्यक्ष के एल पाटीदार ने बताया कि नवीन न्यायालय भवन बनने के बाद न्यायाधीश की नियुक्ति उक्त न्यायालय में होगी इससे आसपास क्षेत्र की जनता को मंदसौर जाना पड़ता था अब नहीं जाना पड़ेगा।
कार्यक्रम में विशेष न्यायाधीश राजेन्द्र सोनी, समस्त अपर जिला न्यायाधीशगण, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मंदसौर एसएस जमरा, समस्त न्यायिक मजिस्ट्रेटगण, समस्त अधिवक्तागण एवं एसडीएम मुकेश शर्मा, एसडीओपी मनोज रत्नागर, लोक अभियोजन अधिकारी बिहारी बघेल, थाना प्रभारी मल्हारगढ़ राजेन्द्र पंवार, थाना प्रभारी पिपलिया मंडी नरेन्द्र यादव, थाना प्रभारी नारायणगढ तेजेन्द्रसिंह सेंगर, लोक निमार्ण विभाग के अधिकारीगण एवं समस्त न्यायालय कर्मचारीगण सहित अन्य गणमान्य नागरिक कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
इस दौरान मंच का संचालन जिला विधिक सहायता अधिकारी प्रवीण पुनिया ने किया एवं आभार जिला विधिक सेवा के सचिव हर्षसिंह बहरावत ने माना।