रतलाम। ग्रामीण अंचल के स्कूलों में बच्चों को गुणवत्ता व तय मानक अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा है। इसकी पोल स्वयं ग्रामीण विधायक दिलीप मकवाना ने ही खोलकर रख दी। पानीदार दाल, कम नमक और जली हुई रोटियां विधायक ने बच्चों के साथ खाई। स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता का पता लगाने पहुंचे विधायक मकवाना ने माना भोजन मीनू अनुसार नहीं है। विधायक मकवाना ने ईसरथूनी के शासकीय माध्यमिक विद्यालय में औचक निरीक्षण किया, तब सारी पोल खुली।
ग्रामीण अंचलों में स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले भोजन गुणवत्ता की पता लगाने के लिए विधायक मकवाना बुधवार को अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचे और स्कूलों की व्यवस्था को जांचा परखा। इस दौरान ग्राम ईसरथूनी के शासकीय माध्यमिक विद्यालय में पहुंचकर वहां के बच्चों से मुलाकात की और उनके साथ बैठकर मध्यान्ह भोजन करके उसकी गुणवत्ता का पता लगाया।
भोजन में दाल व जली रोटियां थी, जबकि मीनू अनुसार रोटी, दाल, सब्जी व चावल होना चाहिए थे। विधायक को बच्चों ने बताया कि मीनू अनुसार डाइट नहीं मिलती है। दूध कभी नहीं दिया गया। किसी बच्चे को सब्जी मिली तो किसी को नहीं मिली। विधायक ने दाल, जली रोटी व सब्जी खाई।