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December 2, 2022, 8:52 am
WEATHER_UPDATE:भोपाल-एमपी में ग्लोबल वार्मिंग से 4 डिग्री तक बढ़ा टेंप्रेचर,सर्दी के दिन भी लगातार कम हो रहे,मौसम एक्सपर्ट से जानिए- दूसरे सीजन का हाल, पढ़े खबर

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ठंड अब शुरू हो चुकी है, लेकिन कड़ाके की ठंड के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। ऐसा ग्लोबल वॉर्मिंग के कारण हो रहा है। इसी कारण मौसम के पैटर्न में भी बदलाव आया है।

मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो भले ही बारिश की विदाई देरी से हुई, लेकिन ठंड के दिन अब कम होते जा रहे हैं। इसका असर खेती पर सबसे ज्यादा पड़ रहा है। सर्दियों में भी तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हुई है। गर्मियों की बात करें, तो औसत तापमान में 3 से 5 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, गर्मी के दिन भी बढ़ गए हैं।

यह बात भोपाल के इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आइसर) में गुरुवार को आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में सामने आई। मध्यप्रदेश में हो रहे जलवायु परिवर्तन के बारे में मौसम वैज्ञानिक प्रोफेसर पंकज कुमार और डॉक्टर गौरव तिवारी ने विस्तार से बताया।

 
मौसम वैज्ञानिक प्रोफेसर पंकज कुमार ने बताया कि मौसम में बदलाव होना सामान्य है, लेकिन जलवायु में परिवर्तन होना ग्लोबल वॉर्मिंग का साफ संदेश है। यही चिंता की बात है। अभी तक सबसे ज्यादा गर्मी, सबसे ज्यादा बारिश और सबसे कम तापमान सामान्य तौर पर सामान्य के आसपास रहते थे, लेकिन 1970 के बाद इनमें तेजी से बढ़ोतरी हुई है। यह स्ट्रीम स्तर पर यह घटनाएं ज्यादा बढ़ गई हैं। उदाहरण के तौर पर पहले बादल फटने की घटनाएं साल में एक बार होती थीं। यह भी हिमालय के क्षेत्रों में होती थीं, लेकिन अब यह शहरी क्षेत्रों में ज्यादा बढ़ गई हैं। इतना ही नहीं एक मानसून सीजन में यह 3 से चार बार होने लगी हैं।

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