शाजापुर। महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीडन (निवारण, प्रतिषेध, प्रतितोष) अधिनियम 2013 एवं नियम 2013 के क्रियान्वयन के संबंध में सर्वाेच्च न्यायालय की मंशा के अनुरूप भारत सरकार ने महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीडन (निवारण, प्रतिषेध, प्रतितोष) अधिनियम 2013 के संचालन के लिए राज्य शासन ने महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीडन (निवारण, प्रतिषेध, प्रतितोष) नियम 2013 निर्मित कर अधिसूचना जारी की गई है।
कलेक्टर दिनेश जैन ने बताया कि महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीडन अधिनियम 2013 द्वारा महिलाओं को कार्यस्थल पर सुगम एवं सुरक्षित वातावरण प्रदान करते हुए मजबूत शिकायत तंत्र प्रावधानित किया गया है। सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा जारी विशाखा गाईडलाईन के तहत जहाँ प्रत्येक कार्यालय में शिकायत समिति का गठन होना है, वहीं इस अधिनियम के तहत प्रत्येक कार्यालय जहाँ 10 या 10 से अधिक कर्मचारी होने पर आंतरिक समिति एवं प्रत्येक जिले में स्थानीय समिति का गठन किया गया है। इस अधिनियम में समस्त विभाग, संगठन उपक्रम, मंडल, निगम, कंपनी, स्थानीय प्राधिकरण, प्राइवेट सेक्टर, प्राइवेट उद्यम, सोसायटी, न्यास, गैर-सरकारी संगठन, अस्पताल, खेलकूद संस्था, स्टेडियम एवं अन्य कोई निवासगृह अथवा गृह कार्यक्षेत्र के रूप में परिभाषित है।
कार्यालयों में कार्यरत कार्यालय अथवा उपक्रम में महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीडन (निवारण, प्रतिषेध, प्रतितोष) अधिनियम 2013 के अंतर्गत आंतरिक समिति का गठन होना अनिवार्य है। गठन ना होने की स्थिति में अधिनियम की धारा 26 (1) अंतर्गत नियोजक पर 50,000 रूपये तक के जुर्माने से दण्डित किए जाने का प्रावधान है।