खरगोन। नवम्बर माह की अंतिम टीएल बैठक में कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने सभी जिला अधिकारी और जनपद स्तर के अमले को मप्र शासन द्वारा निर्धारित कार्यालयीन समय पर अधिकारी और कर्मचारियों को कार्यालय पहुँचने के लिए चौकन्ना किया था। बैठक में उन्होंने इस कार्य की निगरानी के लिए एडीएम जेएस बघेल और एसडीएम ओमनारायण सिंह को जिम्मा सौंपा था। इसके बावजूद पशु उपसंचालक कार्यालय के डॉक्टर और अन्य कर्मचारियों पर इसका असर नहीं हुआ। अब उन्हें इसका खामियाजा आधे दिन का वेतन पाकर उठाना पड़ेगा। दरअसल बुधवार सुबह 10 बजे एसडीएम सिंह ने पशु उपसंचालक कार्यालय का निरीक्षण करने पहुँचे। यहां कुल 25 का स्टॉप है लेकिन कार्यालयीन समय मे सिर्फ 6 उपस्थित पाये गए। इसमें 04 डॉक्टर, 04 सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी, 7 बाबू और 4 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अनुपस्थित पाये गए। इसी तरह एसडीएम सिंह ने पशु चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया। यहां 5 के स्टॉप में से 1 मेटरनिटी अवकाश और 1 अवकाश बाकी उपस्थित मिले। पशु चिकित्सा उपसंचालक डॉ. एलएस बघेल ने बताया कि जो कार्यालयीन समय पर अनुपस्थित मिले है उनका आधे दिन का वेतन कांटा जाएगा। एसडीएम सिंह ने बताया कि निरीक्षण प्रतिवेदन कलेक्टर कुमार के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
ये डॉक्टर और सहायक ग्रेड रहे अनुपस्थित-
उपसंचालक डॉ. बघेल ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यालयीन समय में डॉ. एसके पाठक, डॉ. एचएस पटेल, डॉ. चंचल ठाकुर अनुपस्थित और डॉ. अंजली अवकाश पर रही। इसी तरह सहा. पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों में आरसी जोशी, मनोहर मंडलोई, अशोक वर्मा और किरण वर्मा अनुपस्थित रही। सहायक ग्रेड में एमएल जमरे, रेमिना जाधव, प्रतिभा सोलंकी, डीडी बक्शी, शिरोमणि चौहान, मनीषा पंवार अनुपस्थित रहे। जबकि किरण नरगांवे अवकाश पर थी। 25 स्टॉप में से सिर्फ 6 शासकीय सेवक ही कार्यालयीन समय पर मौजूद रहे।