उज्जैन। गत दिवस महिला एवं बाल विकास विभाग उज्जैन को शिकायत प्राप्त हुई कि कीर धर्मशाला बिलोटीपुरा उज्जैन में बाल विवाह हो रहा है। जिस पर महिला बाल विकास अधिकारी साबिर अहमद सिद्धिकी द्वारा बाल विवाह निरोधक दल को कार्यवाही के निर्देश दिये गये। बाल विवाह निरोधक दल की संयुक्त टीम विवाह स्थल कीर धर्मशाला बिलोटीपुरा उज्जैन पर पहुची एवं घटनास्थल का दौरा कर उपस्थित जनों व परिजनों से पूछताछ की। पूछताछ में परिजनों द्वारा बताया गया की अमरसिंह की पुत्री का विवाह, जगदीश परमार के पुत्र से 7 दिसम्बर को कीर धर्मशाला बिलोटीपुरा उज्जैन में होना निर्धारित है। टीम द्वारा उक्त बालिका के परिजनों को बालिका के उम्र संबंधी प्रमाणीकरण दस्तावेज प्रस्तुत करने के आशय का नोटिस दिया गया, परन्तु बालिका के परिजनों द्वारा बालिका के उम्र प्रमाणीकरण के संबंध मे कोई भी प्रमाणिक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया है। टीम द्वारा बालिका के परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए, बताया गया कि बालिका की विवाह की उम्र 18 वर्ष पूर्ण होने के पूर्व विवाह नहीं करने की समझाईश दी गयी। जिसके अंतर्गत बताया गया कि बाल विवाह करने पर परिजनों एवं सम्मिलित लोगो के विरुद्ध उक्त अधिनियम की धारा 10 एवं 11 के तहत 2 वर्ष का कारावास एवं 1 लाख रूपए के जुर्माने के सजा की कार्यवाही की जायेंगी। समझाईश के पश्चात परिजनों द्वारा स्वीकार किया गया की बालिका की उम्र 18 वर्ष से कम है जिसके आधार पर वर्तमान मे बालिका नाबालिग पायी गयी। बालिका के परिजनों द्वारा बालिका का विवाह निरस्त करते हुए बालिका का विवाह बालिग होने के पश्चात ही विवाह किये जाने की लिखित में स्वीकृति दी। इस तरह एक नाबालिग को असमय विवाह से बचाया गया। बाल विवाह निरोधक दल में वंदना गुप्ता, संतोष पवार, मंशाराम मुजाल्दे, रविराज सिसौदिया शामिल थे।