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December 9, 2022, 4:40 pm
EXCLUSIVE REPORT : पूर्व मुख्यमंत्री वीरेंद्र कुमार सकलेचा का गृह जिला नीमच और हजारों परिवारों का आशियाना, जब सीएम शिवराज ने लिया एक्शन..., फिर सुनाया ये फरमान तो उलझ गया समाधान, पढ़े डेस्क इंचार्ज महावीर सैनी की खबर 

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नीमच। शहर की बंगला-बगीचा समस्या समाधान के पांच साल बाद भी अधर में ही लटकी हुई है। इस समस्या के अधूरे समाधान से जनता परेशान हो रही है। नागरिकों का कहना है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पारित मसौदे में राजस्व को प्राथमिकता दी है। यह समाधान बंगलावासियों के हित में नहीं है। सरकार ने समाधान के पूर्व रहवासियों की नब्ज तक टटोलना उचित नहीं समझा। यहीं कारण है कि पांच साल बाद भी व्यवस्थापन बोर्ड तक समस्या के निराकरण के लिए महज एक हजार 970 आवेदन ही पहुंचे हैं। जबकि इस बोर्ड के माध्यम से करीब 16 हजार आवेदकों की समस्या का निराकरण किया जाना था। 
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बंगला-बगीचा क्षेत्र में निवासरतों की पीड़ा-
‘बंगला-बगीचा क्षेत्र में निवासरत कई नागरिक मध्यम व गरीब तबके हैं। शिवराज सरकार ने 2017 में समस्या के समाधान के लिए मसौदा पारित कर इन लोगों से मोटी रकम वसूलने की तैयारी की है। जबकि इन रहवासियों के पास कहने को सिर्फ मकान है।- राहुल बैरागी, बंगलावासी,  
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‘शहर में बंगला-बगीचा समस्या का जन्म 1980 के दशक में हुआ था। तब से लेकर आज तक राजनीतिक पार्टियां इस समस्या को मुद्दा बनाकर चुनाव लड़ती आई है। प्रदेश की भाजपा सरकार ने भी विधानसभा चुनाव 2017 व वर्तमान में काबिज भाजपा के बोर्ड ने 2022 में इसे फिर मुद्दा बनाया।-  सुरेंद्र सिंह देवड़ा, बंगलावासी

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