गरोठ। बोलिया में कई वर्षो से सहायता केंद्र है। ग्रामीण कई वर्षो से इसको चौकी कि मांग करते आ रहै है। दो पुलिस कर्मचारी व एक चौकी प्रभारी के भरोसे पर क्षेत्र का दायरा है। 24 गांव के बीच तीन पुलिस कर्मचारी है।
बोलिया गांव राजस्थान की सीमा से लगा है। बीते वर्षो मे क्षेत्र का दायरा काफी बढ गया है, 24 गांव है। लेकिन यहां लोगो कि सुरक्षा व अपराध पर रोक लगाने को लिए बोलिया सहायता केंद्र पर 3 पुलिस स्टाफ सेवारत है तथा क्षेत्र के कुछ गांव संवेदनशील और कुछ अति संवेदनशील क्षेत्र है। यहा रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए भी फरियादी को 20 किमी दुर गरोठ जाना पडता है। यहां पुलिस बल कम होने कि वजह से सटोरिये अवैध रुप से बिक रही शराब माफिया बडे सक्रिय है। अपराध बढा है, पर पुलिस व्यवस्था नही बढी। यहां अफीम कि खेती भी क्षेत्र मे होती है।
दो राज्यो कि सीमा लगती है। यहा रात मे गस्त के लिए गाडी भी नही है और जब यहा क्षेत्र मे कोई बडा आयोजन होता है तो पुलिस कर्मचारीयों को इस सहायता केंद्र के ताला लगाकर जाना पडता है। वहीं क्षेत्र के लोग कई वर्षो से चौकी बनाने कि मांग करते आ रहै है।
वहीं राजेंद्र भावसार व यशवंत बैरागी ने बताया विधायक धाकड़ को भी कई बार अवगत कराया है!यहा क्षेत्र मे ग्रामीणों कि मांग है कि बोलिया मे चौकी स्थापित कि जाये ओर पुलिस बल भी बढाया जाये। बोलिया एक व्यापारिक केंद्र है और जल्द ही नगर परिषद बनने वाली है। उसके बावजूद क्षेत्र कि सुरक्षा कि दृष्टि से प्रशासन और सरकार ने भगवान भरोसे छोड रखा है। सहायता केंद्र पर पर्याप्त संसाधन भी नही है। बोलिया और उसके आसपास के गांवो और प्रशासन कि उदासीनता का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।