चित्तौड़गढ़। ज्योतिर्मठ हिमालय अदिगुरु शंकराचार्यपीठ ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य अनंत विभूषित स्वामी अविमुख्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज द्वारा काशी (वाराणसी) में रोहित गोपाल सूत जी महाराज को धर्मासद एवं धर्म प्रमुख नियुक्त किया है।
इस अवसर पर पत्रकारों से चर्चा करते रोहित गोपाल महाराज ने कहा कि जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ज्योतिर्मठ पीठ हिमालय ने एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी मुझे सौंपी है, जिसका मैं निर्वाहन करूंगा। उन्होंने कहा कि 2500 वर्षों में प्रथम बार राजस्थान में इस प्रकार की जिम्मेदारी शंकराचार्य महाराज द्वारा दी गई। उन्होंने कहा कि मेवाड़ में कई मंदिर ऐसे हैं जिनमें अभी तक वेदिक पूजा पाठ नहीं होते जहां तक मेरे संज्ञान में है। वहां पर वेदिक नियमों के अनुसार भगवान की भव्यता के साथ पूजन होना चाहिए। जैसे विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ पंचारती ऐसे कई प्रकल्प हैं, विधि विधान से पूजन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मेवाड़ की उनके द्वारा परिक्रमा की जाएगी तथा धर्म का प्रचार किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि नगरी में निर्माणाधीन बद्रीनाथ धाम में भूमि पूजन के लिए शंकराचार्य महाराज स्वयं आएंगे, जून में भव्य आयोजन होगा। करीब करीब साढ़े तीन करोड़ की लागत से निर्मित होने वाला यह बद्रीनाथ धाम मंदिर करीब साडे 3 साल में तैयार होगा इस धाम में मेवाड़ तथा चित्तौड़गढ़ के स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय शिवकुमार शर्मा की स्मृति में गुरुकुल की स्थापना होगी। उनके नाम से इस गुरुकुल का संचालन होगा, जिसका उद्घाटन आदिगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद करेंगे। बद्रीनाथ धाम के साथ ही ध्यान योग के लिए भी विशाल केंद्र बनेगा।