सरदारपुर। शनिवार को नगर के बस स्टैंड पर स्थित प्राचीन श्रीराम मंदिर में सर्व ब्राह्मण समाजजनों द्वारा भगवान परशुरामजी का जन्मोत्सव श्रद्धा के साथ मनाया गया। दोपहर 4 बजे से शुरू हुआ जन्मोत्सव कार्यक्रम रात 8 बजे तक चलता रहा। इस दौरान आचार्य पंडित अजय भट्ट, पंडित प्रदीप मिश्रा, सत्यनारायण व्यास के सानिध्य में विधि विधान मंत्रोच्चार से समाज समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र जोशी पत्नी मंजुला जोशी द्वारा भगवान परशुराम प्रतिमा का पंचामृत से रुद्राभिषेक करवाया गया। भगवान का जन्मोत्सव के पहले मन्दिर संचालक दिनेश पाठक एवं समाज की युवा टीम द्वारा मन्दिर परिसर को आकर्षक सजावट दी गई थी। भगवान परशुराम का अभिषेक पश्चात समाज अध्यक्ष जोशी एवं पुजारी सुरेश पाठक द्वारा महाआरती की गई। आरती पश्चात सर्व ब्राह्मण समाजजनों के एक स्वर में श्रीराम स्तुति प्रस्तुति से मन्दिर परिसर जय श्रीराम, जय परशुराम हों गया था। जन्मोत्सव कार्यक्रम के तहत ब्राह्मण समाज के वरिष्ठ बीजे उपाध्याय ने अपने उद्बबोधन में समाजजनों को बताया कि जीवन अनमोल है अनमोल मिला है। अपने जीवन में इंसान को सत्कर्म करना चाहिए दुष्कर्म नहीं। बताया सत्कर्म करने से इंसान को मोक्ष की प्राप्ति होती है। भगवान ब्रम्हा, विष्णु, महैश ने सृष्टि को रचा है। सृष्टि को रचकर इंसान की योनि दी गई। इसलिए इंसान सत्कर्म करें, दुष्कर्म नहीं। जीवन में इंसान जैसा कर्म करेगा वैसा ही फल उसे प्राप्त होगा। 11 साल की बालिका अक्षिता उपाध्याय ने श्रीकृष्ण पर आधारित भजन तेरी मुरली की धुन सुनकर मैं बरसाने आई हूं की प्रस्तुति पर खुब तालियां बटोरी। समाज़़जनो द्वारा भजन को सराहा। महिला मंडल द्वारा एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति दी गई। भजनों पर नृत्य किया। प्रसादी वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। कार्यक्रम का संचालन अश्विनी दिक्षित ने किया। आभार समाज सचिव प्रेमनारायण जोशी ने माना। भगवान परशुराम का जन्मोत्सव को लेकर बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। जानकारी मिडिया प्रभारी लक्ष्मण तिवारी ने दी।
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