सिंगोली। कस्बा स्थित ब्राम्हणी नदी के बीच नंदीश्वर मंदिर के अब जलमग्न हो जाने पर भी महादेव प्रतिमा के दर्शन हो सकेंगे। इसके लिए 31 फिट ऊंचे शिखर निर्माण के बाद मंदिर की छत पर महादेव की प्रतिमा को स्थापित किया जाएगा।
इस बाबत जानकारी देते हुए नंदीश्वर महादेव मंदिर समिति से जुड़े सदस्य सदस्य निरंजन शर्मा ने बताया कि सिंगोली कस्बे के दक्षिणी छोर एवं नीमच-सिंगोली सड़क पर बहने वाली ब्राम्हणी नदी के बीच प्राकृतिक रूप से निर्मित वर्षो पुराना शिवलिंग है, जिसे नंदीश्वर महादेव के नाम से पुकारा जाता है। यहां पर विराजित महंत जगरामदास जी महाराज की प्रेरणा से मंदिर के साथ शिखर निर्माण का भी कार्य चल रहा है।
यह मंदिर ब्राम्हणी नदी में बाढ़ आने के बाद जलमग्न हो जाता है, ऐसे में जब तक नदी में पानी रहता है, श्रद्धालु महादेव के दर्शन नहीं कर पाते है। समिति ने मंदिर के जलमग्न रहते हुए श्रद्धालुओं को दर्शक लाभ दिलाने के लिए महंत जगरामदास जी महाराज की प्रेरणा पाकर शिखर निर्माण के साथ ही प्रतिमा को मंदिर की छत पर स्थापित करने का निर्णय लिया। इसके लिए श्रद्धालुओं ने मुक्त हस्त आर्थिक सहयोग देकर निर्माण कार्य शुरू करवाया।
निरंजन शर्मा ने बताया कि शिखर निर्माण का कार्य पूर्णता की ओर है, शिखर निर्माण के बाद प्रतिमा को मंदिर की छत पर स्थापित किया जाएगा, ताकि सड़क मार्ग से गुजरते यात्रियों सहित मंदिर के जलमग्न होने पर भी श्रद्धालु महादेव के दर्शन कर सकेंगे।