शाजापुर। किला परिसर के अंदर जिला ग्रंथालय में प्रमोद वैद्य ग्रंथपाल कें सौजन्य पं बालकृष्ण शर्मा नवीन की पुण्यतिथि 29 अप्रैल को काव्यगोष्ठी का आयोजन किया गया। सबसे प्रथम कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहें मोहन बड़ोदिया कालेज के प्रीसिंपल विद्याशंकर विभूती, मुख्य अतिथि सतोष शर्मा एवं जाय शर्मा ने नवीन के चित्रपर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया। कार्यक्रम का प्रारंभ कवि अमन जादोन ने राधाकृष्ण आध्यात्मिक कविता सुनाकर कृष्ण के जीवन को याद किया। साहित्य परिषद् के अध्यक्ष जितेन्द्र देवतवाल ज्वलंत ने नवीन की सभी रचनाओं को काव्य स्वरूप देकर बहुत शानदार प्रस्तुति दी।
हास्य कवि मशहूर शाजापुरी ने हास्य की फुलझडियां सुनाकर वातावरण हास्यमय कर दिया। सज्जाद अहमद कुरैशी ने यादे कविता के माध्यम से नवीन का स्मरण किया। जाय शर्मा ने हमारे देश भारत से युवा विदेश में पलायन कर रहे उस विषय पर अपनी रचना प्रस्तुत की। पत्रकार अजमल खान ने मां पर कविता सुनाकर सबको भाव विभोर कर दिया। साहित्य परिषद् की संरक्षक एवं कवयित्री संतोष शर्मा ने नफरतों की आग में यूं बस्तियां रख दी गई। ग़ज़ल सुनाकर समां बांधा दिया।
अपने अध्यक्षीय भाषण में विद्याशंकर विभूति जी ने की प्रति माह महान विभूतियों की जयंती या पुण्यतिथि पर ऐसे आयोजन होने चाहिए और ज्यादा से ज्यादा युवा वर्ग इन आयोजन से जुड़े। ताकि वे महान विभूतियों के व्यक्तित्व व कृतित्व से परिचित हो सकें। कार्यक्रम का संचालन संतोष शर्मा ने किया।
अंत प्रमोद वैद्य ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आप हमेशा यहां कार्यक्रम आयोजित करें, मेरा पुर्ण सहयोग रहेगा और लोगों को पुस्तकों का लाभ भी मिलेगा। इस अवसर पर नवीन से संबंधित साहित्य की प्रदर्शनी भी लगाई गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी श्रोता उपस्थित थे।