नीमच। नगर के सुप्रसिद्ध वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ एम एल जैन (पूजा क्लिनिक वीर पार्क रोड़ नीमच) को बिना ऑपरेशन के होम्योपैथिक उपचार द्वारा पथरियाँ निकालने में लगातार अभूतपूर्व सफलताएँ मिलती जा रही है। आपके द्वारा दिये गये होम्यो उपचार से हजारों पथरी रोग से पिड़ित रोगी पूर्णतया स्वस्थ्य हो गये एवं पुनः पथरी बनने की संभावनाएं भी नगण्य है। सैकड़ो पथरी के रोगियों को ऑपरेशन से एवं उसमें होने वाले बड़े खर्चे से भी बचाया।
इसी कड़ी में डॉ एम एल जैन को एक ओर बड़ी सफलता मिली है। कोलकाता निवासी 28 वर्षीय अनिर्भान दास अपनी पत्नि सहित घुमने के लिए नागदा अपने दोस्त के यहाॅ आये थे और सुबह घुमने जाने का प्रोग्राम बना ही रहे थे कि अचानक अनिर्भान को बायें गुर्दे की जगह पर अत्यन्त तीव्र दर्द, घबराहट, उल्टियाँ होना, पेशाब में जलन, एवं चुभन, रूक-रूक कर आना, कम कम आना, बार-बार आना, पीले रंग का आना आदि लक्षण प्रकट हुए। तुरन्त प्रदीप चौधरी (जो कि डॉ एम एल जैन के मित्र है एवं उनकी दो पथरियाँ भी पूर्व में निकाल चुके है) ने डॉ जैन से सम्पर्क किया एवं मरीज से बात कराई । डॉ जैन द्वारा बताई गई दवाईयाँ तुरन्त शुरू करी । थोड़ा दर्द कम पड़ने पर सोनोग्राफी जॉच, खून, पेशाब की जॉच के लिये बोला गया। जॉच कराने पर अनिर्भान के दोनो गुर्दो में मल्टिपल पथरियाँ 6 से 8 एम एम आकार तक की पाई गई तथा एक पथरी 12.6 एम एम आकार की बांये यूरेटर में पाई गई। जिसके कारण बॉये यूरेटर एवं गुर्दे में सुजन हो रही थी हाइड्रो-यूरेट्रोनेफोसिस हो रहा था। तुरन्त नीमच से डॉ एम एल जैन द्वारा 1 माह का कोर्स भेजा गया। दुसरे ही दिन अनिर्भान एवं उसका दोस्त एवं परिवार महाकाल दर्शन हेतु गये एवं दवा लेते हुए कोलकाता के लिए रवाना हुए। क्योंकि परिजन कोलकाता में बहुत चिन्तित हो रहे थे। वहाँ के यूरोलोजिस्ट से सम्पर्क किया तो तुरन्त आने की बोला तथा ऑपरेशन करना पडेगा क्योंकि गुर्दे एवं यूरेटर में सूजन हो रही थी एवं पथरियाँ बड़ी भी थी और बहुत भी थी। मरीज कोलकाता सकुशल पहुंच गया। दवाइयाँ लेते हुए एक बार दिल्ली में दर्द हुआ लेकिन होम्यो दवा से ठिक हो गया। मात्र 7-8 दिन के उपचार के चलते 12.6 एम एम आकार की एवं 8 एम एम आकार की पथरिया पांचवे दिन सकुशल निकल गई। तीसरे दिन पुनः फोन पर बताया कि 2 पथरियाँ और सफलता पूर्वक निकल गई। बिना ऑपरेशन के मात्र होम्यो की मिठी 2 गोलियाँ खिलाकर हजारों मरीजों को पूर्णतया ठिक कर दिया। नीमच जिला, प्रदेश एवं देश के लिए यह गौरव की बात है। परिजनों ने डॉ एम एल जैन का हार्दिक आभार प्रकट किया एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी।