गरोठ। गांव बोलिया मे 7 मई को अपना सांसारिक जीवन छोड वैराग्य का मार्ग अपनायेगे आज मुमुक्ष ऋषभ जैन। भव्य पांडाल मे गाजे बाजे के बीच एक दुल्हे कि तरह सजकर पहुंचे ऋषभ। देशभर से आये लोगो ने स्वागत किया। दर्जनों संत और साध्वियों कि मौजुदगी मे धार्मिक रस्मे निभाई गई। उत्त्मजी जी महाराज के सान्निध्य में ली दीक्षा। दीक्षा से पहले मुमुक्ष ऋषभ जैन ने कहा, दुनिया देखी और शिक्षा ग्रहण कि लेकिन मुझे संतो का सान्निध्य और दीक्षा का मार्ग ही रास आया। आत्मिक सुकुन और परमात्मा कि प्राप्ति होती है। इसिलिए वैराग्य धारण कर रहा हूँ। आप सब लोगो कि अनुमति मुझे प्रदान करे।
जैन समाज ने भव्य ऐतिहासिक शौभायात्रा निकाली जिसमे बडी संख्या मे समाजजन व ग्रामीण उपस्थिति रहे।