खरगोन। अवैध शराब की आशंका में शराब ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा गत दिनों रेटवां के आदिवासी युवक की पिटाई के चलते हुई मौत मामले में शनिवार को दूसरी बार आदिवासी समाज ने आक्रोश दर्ज कराया। जयस के बैनर तले जिले सहित आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग मुख्यालय पर इकट्ठा हुए। शराब ठेकेदार को मुख्य आरोपित बनाने, परिवार को आर्थिक सहायता देने सहित 5 सुत्रीय मांगों को लेकर करीब 3 घंटे नवग्रह पुल पर तो, दो घंटे तक कलेक्टर कार्यालय के सामने खंडवा- बडौदा और चित्तौडगढ़ स्टेट हाईवे को जोडऩे वाले मुख्य मार्ग पर धरना प्रदर्शन कर आक्रोश दर्ज कराया गया। जिसके चलते नवग्रह पुल सहित कसरावद रोड़ पर जाम से हालत बने रहे। वाहन चालक लिंक रोड, पुराने पुल का सहारा लेकर आवाजाही करते नजर आए। शाम करीब 6 बजे एसडीएम के 15 दिनों में मांगों पर विचार करने के आश्वासन के बाद आंदोलन का समापन हुआ। धरना प्रदर्शन में शामिल हुए जयस के संस्थापक सदस्य महेंद्र सिंह कन्नौज ने बताया कि हम बेवजह इसे मुद्दा नही बना रहे। अवैध शराब की आड़ में शराब ठेकेेदार के गुंडे आमजन पर हमला कर कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रहे है। जिसके ईशारे पर आदिवासी युवक की पीट-पीटकर हत्या की गई, उसे शासन-प्रशासन क्यों बचा रहा है। आबकारी अधिकारी पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। कनौज ने नाराजगी जताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सहित खरगोन जिले में आदिवासियो पर लगातार इस तरह के हमले जारी है। इसके पूर्व गोगावां, कसरावद में भी ऐसे मामले हुए है, जिस में अब तक कार्रवाई नही हुई है।