जावद। घर-घर छप्पन प्रकार का भोजन बनाकर भगवान को भोग लगाना चाहिए, जिससे भगवान खुश होकर आशीर्वाद देते है, सभी भक्तो को गौमाता की सेवा करना चाहिए, कम से कम दिन में 1 बार शिव का नाम लेना चाहिए। रावण राक्षक होते हुए भी रोजाना भोलेनाथ का जप करता था, मरने के बाद स्वर्ग मिला। जीवन में गुरू बनाना चाहिए, गुरू बीना ज्ञान नही मिलता है। घर की चौखट पर भिक्षा मांगने वाले को कभी भी खाली हाथ नही लौटाना चाहिए, देश में 12 ज्योतिलिंग है, बारी बारी से सभी के दर्शन करने जाना चाहिए। कथा मन लगाकर सुनने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह बात बस स्टैंड स्थित नगर का अतिप्राचिन शिव मंदिर श्री बटेश्वर महादेव एवं गणपति मंदिर समिति द्वारा श्रावण मासी श्रीमद् भागवत प्रवचन में व्यासपीठ पर विराजित होकर मालवा मेवाड के सुप्रसिद्ध भागवताचार्य विद्धान पं शैलेन्द्र शर्मा (बावल) ने उपस्थित श्रोत्राओ को कथा के दौरान कही। कथा में कई श्रोताओं ने पहुंचकर कथा का आनंद लिया। भजन गायक कैलाश दमामी ने मधुर मधुर भजनो की शानदार प्रस्तुतियो से एवं ढोलक वादक लक्की दमामी, सीतार वादक बलवीर दमामी के संगीत पर महिला पुरूष भक्तजन झूम उठे।
मंदिर पूजारी सत्यनारायण पंचारिया ने विधिविधान से महाआरती की तत्प्रश्चात प्रसाद वितरित किया गया।
इस मौके पर योगी युवा वाहिनी राष्ट्रीय प्रवक्ता नारायण सोमानी, जिला प्रेस क्लब कोषाध्यक्ष श्याम सारडा, पुरूषोत्तम सोनी, कैलाश सोनी शाहपुरा, मोहनलाल प्रजापत, कन्हैयालाल सुतार, कैलाश सोनी डुंगलावाला, अशोक सोनी, बाबुलाल मंदारा, गोपाल कृष्ण प्रजापत, प्रभूलाल धाकड, गोपाल प्रजापत, रमेश प्रजापत (होटल), नंदलाल सेन, विनय प्रजापत, गौरव प्रजापत, तुषार राठी, अंकुर बिकानेरीया, विनायक प्रजापत, छोटू सेन, शिवम सेन, अंकित प्रजापत, जयंत सेन सहीत भक्तजन, समिति के सदस्य मौजूद थे।