रामपुरा। आज सुबह से ही शहीदाने कर्बला की याद में रामपुरा में काफी चहल-पहल देखी गई। मोहल्ले-मोहल्ले में लंगर का दौर चल रहा है। जगह-जगह लगाई गई छबीलो पर रौनक देखी जा रही है। रामपुरा के मुख्य बाजारों में खरीदी का दौर चालू है। आज चांद की 9 तारीख है, जिसको शहादत की रात भी कहा जाता है। मुस्लिम समाज के 15 ही मोहल्ले के ताजिए अपने अपने मोहल्ले में इमामबाड़ा में विराजित होंगे, जिन्हें चौकियों के नाम से भी जाना जाता है।
वहीं मदार बाग की बात करें तो वहां पर बड़े इमाम जो रात की लगभग 1 के करीब अपनी चौकी पर विराजित होंगे। उसके पहले इमामबाड़े में मन्नतो का दौर चालू होगा मतलब जिन लोगों ने अपनी मन्नत मांगी थी ओर जिन लोगों की मन्नत पूरी हुई है वह आज के दिन अपनी मन्नत को पूरा करेंगे। वहीं कई लोग आज इमाम हुसैन से अपनी मन्नत मांगेंगे। मन्नतों का दौर भी देखने लायक रहेगा। जिनकी मन्नते पूरी हुई है वह कोई शक्कर कोई खोपरे के गोले कोई मेवे की मिठाई अलग-अलग फल फ्रूट में तोलेंगे जो कि काफी देखने लायक दृश्य रहता है। यहां सभी समाज के लोग अपनी मन्नतें मांगते हैं और पूर्ण होने पर आज के दिन अपनी मांगी हुई मन्नतें पूरी करते है। वहीं कल चांद की 10 तारीख को सुबह मदार बाग में लंगर का आयोजन रहेगा। शाम को बड़ी खंदार मोहल्ले में व बस स्टैंड पर मौला बा के गैरज पर लंगर का भव्य आयोजन होगा।
वहीं देर रात को 15 ही मोहल्लों में विराजित ताजिए अपने अपने मुकाम से उठेंगे व मदार बाग व बाजारों में अपना अपना मुकाम लगाएंगे। असर की नमाज के बाद मुल्तानी मोहल्ले का ताजिया भव्य जुलूस के रूप में मदार बाग पहुंचेगा। देर रात्रि में 11 बजे इमाम हुसैन व मुल्तानी मोहल्ले से आया हुआ ताजिए दोनों एक साथ उठने का नजारा देखने लायक होगा, जिसे देखने के लिए काफी दूर से लोग यहां आते हैं। रामपुरा में शहीदाने कर्बला की याद में रामपुरा में बाहर से राजस्थान और मध्य प्रदेश के कहीं जगह के जो रामपुरा छोड़कर गए हुए हैं वह सभी रामपुरा में ताजदार ई मनाने के लिए आते हैं।