नीमच। क्रोध से व्यक्ति जीवन का विकास रुक जाता है।क्रोध में व्यक्ति अपने स्वयं का भी नुकसान कर बैठता है। क्रोध व्यक्ति को विचलित कर देता है और कष्ट देता है इसलिए क्रोध के प्यार के बिना आत्मा का मोक्ष नहीं हो सकता है।यह बात जैन दिवाकरीय श्रमण संघीय, पूज्य प्रवर्तक, आगम मनस्वी साहित्य भूषण कविरत्न श्री विजयमुनिजी म. सा. ने कही।
वे श्री वर्धमान जैन स्थानकवासी श्रावक संघ के तत्वावधान में गांधी वाटिका के सामने जैन दिवाकर भवन में आयोजित चातुर्मास धर्म सभा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि परमात्मा की वाणी सत्य औरश्रेष्ठ है। क्या जीवन का कल्याण का मार्ग दिखाती है। जबकि हिंसा आत्मा को भटकाती है तथा दुख देती है। इंसान सुख के लालच में हिंसा कर बैठता है हिंसा सुख तो नहीं देती है लेकिन दुख अवश्य देती है। विकारों का महल पाप को बढ़ाता है क्रोध से मुक्त हो तभी आत्मा को जन्म मरण से मुक्ति मिलती है।आत्मा संसार में सुख के लिए परिभ्रमण करती है लेकिन अंत में दुख ही प्राप्त करती है।कभी-कभी अपने कर्मों के कारण धर्मात्मा को भी दुख देखना पड़ता है। सोना आग में तपता है तभी शुद्ध बनता है इसी प्रकार आत्मा तपस्या त्याग उपवास कर तपती है तभी वह पवित्र बनती है। सर में इंसान की आत्मा के कर्म त्याग व्यवहार की कदम कदम पर परीक्षा होती है। की वाणी और उपदेश सरल आत्मा ही जीवन में आत्मसात कर पाती है और उसका ही मोक्ष होता है अभूमि आत्मा का कल्याण कभी नहीं होता है।साध्वी डॉ विजय सुमन श्री जी महाराज साहब ने कहा कि अहिंसा को जीवन में आत्मसात कर जीव दया के साथ जीवन का कल्याण किया जा सकता है। चतुर्विद संघ की उपस्थिति में चतुर्मास काल तपस्या साधना निरंतर प्रवाहित हो रही है। इस अवसर पर उपवास की तपस्या पूर्ण होने पर सभी ने सामूहिक अनुमोदना की।
धर्म सभा में उपप्रवर्तक श्री चन्द्रेशमुनिजी म. सा.एवं साध्वी विजय श्री जी म. सा. का सानिध्य मिला।इस अवसर पर श्री अभिजीतमुनिजी म. सा., श्री अरिहंतमुनिजी म. सा., ठाणा 4 व अरिहंत आराधिका तपस्विनी श्री विजया श्रीजी म. सा. आदि ठाणा का सानिध्य मिला। चातुर्मासिक मंगल धर्मसभा में सैकड़ों समाज जनों ने बड़ी संख्या में उत्साह के साथ भाग लिया। इस अवसर पर श्री संघ अध्यक्ष अजीत कुमार बम्म, चातुर्मास समिति संयोजक बलवंत सिंह मेहता, सागरमल सहलोत, मनोहर शम्भु बम्म, सुनील लाला बम्ब, निर्मल पितलिया, सुरेंद्र बम्म, वर्धमान स्थानकवासी नवयुवक मंडल अध्यक्ष संजय डांगी दिवाकर महिला मंडल अध्यक्ष रानी राणा ,साधना बहू मंडल अध्यक्ष चंदनबाला जैन आदि गणमान्य लोग उपस्थित थे। इंदौर रतलाम, जावद जीरन, चित्तौड़गढ़, छोटी सादड़ी निंबाहेड़ा जावरा नारायणगढ़, उदयपुर आदि क्षेत्र से समाज जन सहभागी बने और संत दर्शन कर आशीर्वाद ग्रहण किया। धर्म सभा का संचालन प्रवक्ता भंवरलाल देशलहरा ने किया।