नीमच। सरस्वती शिशु मंदिर नीमच सिटी पर दिनांक 31जुलाई 2023 सोमवार विद्यारंभ संस्कार हुआ। जिसमें कक्षा नर्सरी और एलकेजी के भैया बहनों का विद्यारंभ संस्कार किया गया। शिव मंदिर में वेद का वेदोक्त विधि से पूजा कर विद्यालय तक वेदों की (पोथी यात्रा) शोभायात्रा निकाली गई।
विद्यालय में माताओ का पूजन किया व विद्यालय की दीदी व अतिथि, समिति परिवार द्वारा वेदों का पूजन किया गया। विद्यालय के भैया/बहिन देवस्वरूप बने और शिशु वाटिका की बहिनों ने सरस्वती माता के रूप में सुंदर चित्रण धारण किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रहलादराय गर्ग, अध्यक्ष छत्रपाल सिंह परिहार एवं
विशेष अतिथि अनिल पटवा रहे।
सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के प्राचार्य महेश गदले, सशिमं की प्रभारी दीदी मीना गुप्ता एवं सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के आचार्य कैलाश शर्मा, परसराम जैन, वरिष्ठ दीदी वैजयंती माला तोतला, निधि नागदा और शिशु वाटिका की खुशबू जैन व कृष्णा कुमावत दीदी उपस्थित रही। अतिथि परिचय प्राचार्य महेश गदले के द्वारा दिया गया।
मुख्य अतिथि ने अपने उदबोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति में 16 संस्कारों में से विद्यारंभ संस्कार का भी बहुत महत्व है। शिशु का पहला शैक्षणिक सत्र जिसमें शिशु लिखना आरंभ करता है, इसी से पहले ॐ व स्वास्तिक की रचना कराई जाती है। उन्होंने कहा कि जिन अभिभावक ने सरस्वती शिशु मंदिर का चयन किया है उनका अभिनंदन किया और उन्होंने सरस्वती शिशु मंदिर के संस्कारों के बारे में भी बताया। पंडित द्वारा मंत्रोचार कर वेद पूजन हवन पश्चात भैया बहनों को माता की गोद में बिठाकर कुमकुम व रंगोली द्वारा ॐ और स्वास्तिक की रचना की। अंत में महाआरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।