ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में GRMC मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने नवनिर्मित एक हजार बिस्तर के अस्पताल के पास कस्तूरबा मार्ग पर चक्काजाम कर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टरों की मांग हैं कि पुराने जयारोग्य अस्पताल कैंपस और नवीन अस्पताल के बीच निकली रोड को अस्पताल परिसर में ही शामिल कर लिया जाय औऱ आम लोगो के लिए इस रास्ते को बंद कर दिया जाए।
जूनियर डॉक्टरों का कहना हैं कि पुराने जयारोग्य अस्पताल परिसर में कार्डियोलॉजी, न्यूरोलोजी, रेडियोलोजी, कैंसर यूनिट आदि महत्वपूर्ण विभाग संचालित किए जा रहे हैं। दूसरी तरफ कई विभागों को नव निर्मित एक बिस्तर के अस्पताल में संचालित किए जा रहे है। इस कारण मरीजों और चिकित्सकों को इस अस्पताल परिसर से नवनिर्मित अस्पताल में जाना आना पड़ता हैं। रात के वक्त महिला मेडिकल स्टाफ को रोड पार करके जाने में परेशानी होती हैं। डॉक्टरों को भी रात के वक्त रोड पार करके जाना आना पड़ता हैं। रात के वक्त रोड क्रॉसिंग करने के दौरान तेज रफ्तार वाहनों से डॉक्टर हादसे का शिकार हो रहे है।
जूनियर डॉक्टरों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो। वे उग्र आंदोलन करेंगे। वही जूनियर डॉक्टर्स के प्रदर्शन को प्रोग्रिसेव मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डाक्टर सुनील अग्रवाल ने भी समर्थन दिया है। डाक्टर सुनील अग्रवाल अपनी टीम के साथ प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और उन्होंने डॉक्टर्स की मांगों को जायज ठहराया है। सुनील अग्रवाल का कहना है,की वह पहले ही कह चुके हैं कि सरकार को इस और ध्यान देना चाहिए। क्योंकि 2 दिन पहले ही एक जूनियर डॉक्टर्स हादसे का शिकार हुआ है। जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है। उसके बावजूद भी सड़क को लेकर कोई ठोस प्लान प्रशासन ने अभी तक तैयार नहीं किया गया है।
हालांकि प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर एसडीएम विनोद सिंह और एडिशनल एसपी पहुंचे जिन्होंने डॉक्टरों के चक्का जाम को खुलवाने के लिए उनकी मांगों पर विचार करते हुए कल कलेक्टर के साथ मीटिंग तय कराई है, जिसके बाद चक्का जाम को खोल दिया गया, डॉक्टर एसोसिएशन का कहना है कि यदि कलेक्टर के साथ मीटिंग के बाद भी कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आगे एक बार फिर प्रदर्शन किया जाएगा।