नीमच। साक्षरता संविदा प्रेरकों ने अपनी सेवा को बहाल करने हेतु आज नीमच के जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। बताते चलें कि साक्षरता संविदा प्रेरकों को सरकार ने दो हजार अट्ठारह में सेवा से पृथक कर दिया था। ज्ञापन में कहा गया है कि राज्य सरकार के अधीनस्थ संचालित साक्षर भारत मिशन वर्ष 2012-13 से वर्ष 2018 के अंतर्गत कार्यरत संविदा प्रेरकों को बिना किसी पूर्व सूचना पत्र के पद से दो हजार अट्ठारह में पृथक कर दिया गया था। प्रेरकों को ना तो कोई आश्वासन दिया गया ना ही सेवा बहाल की गई। जिसके चलते हम अपने आप को शोषित महसूस कर रहे हैं। खास तौर पर उल्लेखनीय है कि साक्षरता संविदा प्रेरक की नियुक्ति जनपद स्तर पर की गई थी और सहायक सचिव के अनुसार ही यह नियुक्तियां हुई थी। इनके द्वारा जन कल्याणकारी योजनाओं का भी प्रचार-प्रसार कर सेवाएं दी गई थी। ज्ञापन में मांग की गई है कि शिक्षा विभाग एवं सामान्य प्रशासन विभाग में जो पद रिक्त पड़े हैं, उन पदों पर संविदा प्रेरकों की सेवा बहाल की जाए। ताकि बेरोजगार संविदा प्रेरक अपने परिवार का भरण पोषण कर सके।
ज्ञापन सौंपते समय जसोदा मेघवाल, रेखा जोशी, नीतू चौहान, प्रीति तिवारी, संपत रेगर, सरस्वती छिपा, विनोद रावल, नरपत सिंह, हेमंत कुमार, रूपलाल दायमा, कमलेश और संगठन के सदस्य मौजूद रहे।