नीमच। कम है पैसा, कम है दाना, कैसे दे बच्चों को खाना। यह नारा गुंजायमान करते हुए महिला स्वयं सहायता समूह और मध्यान्ह भोजन सांझा चुल्हा रसोईया संघ की महिलाओं ने अपनी मांगों को पूरा करने के लिए कलेक्टर कार्यालय पर जंगी प्रदर्शन किया। आंगनवाड़ी एवं स्कूलों में कार्य करने वाली महिला स्व सहायता समूह और रसोईया करीब 200 से अधिक संख्या में नीमच के कलेक्टर कार्यालय पर लामबंद होकर पहुंची। उन्होंने जमकर थालियां और बेलन बजाकर सरकार को जगाने की कोशिश की। गैस सिलेंडरों को अपने कंधे पर उठाकर पूरे कलेक्टर कार्यालय का चक्कर काटा। तहसीलदार कविता कड़ेला को ज्ञापन सौंपा और अपनी 12 सूत्रीय मांगे रखी। चेतावनी दी कि यदि 48 घंटों में हमारी मांगे नहीं मानी गई तो 6 अगस्त से हम सभी स्व सहायता समूह और रसोईया बहने तहसील मुख्यालय के पास अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठेंगे।
इनकी मुख्य मांग है कि प्राथमिक शाला में प्रति छात्र भोजन पकाने की दर 10 रूपए और माध्यमिक शाला में प्रति छात्र भोजन दर 15 रूपए बढ़ाई जाए। प्राथमिक शाला के छात्र हेतु खाद्यान्न 200 ग्राम और माध्यमिक शाला के छात्र हेतु खाद्यान्न 300 ग्राम किया जाए। मध्यान भोजन पकाने हेतू रसोइयों को पारिश्रमिक 6000 रूपए प्रति माह हो। बताते चले कि जिले में 850 स्व सहायता समूह और 2200 महिलाएं मध्यान्ह भोजन बनाने के काम में संलग्न है। ज्ञापन का वाचन पिंकी शर्मा ने किया।