मोरवन। मंगल कलश व शोभायात्रा के साथ आज सोमवार को मोरवन में सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा महोत्सव प्रारम्भ हुआ। कलश व शोभायात्रा में महिलाओं व पुरुषों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। शोभायात्रा का जगह जगह स्वागत किया गया। वहीन श्रद्धालु डीजे की धुन व ढोल की थाप पर नाचते गाते जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। लक्ष्मीनाथ (बड़ा मंदिर) मंदिर से प्रारम्भ हुई कलश यात्रा ग्राम मोरवन के प्रमुख मार्गो से होती हुई पुनः बड़े मंदिर कथा स्थल पहुँची। शोभायात्रा के पश्चात कथा स्थल पर ग्राम पुरोहित द्वारा अतिथियों एव श्रद्धालुओ को व्यासपीठ का पूजन कराया। कथा व्यास के रूप में बाल व्यास श्री विष्णु शरण जी महाराज को मंचासीन किया गया।
प्रथम दिवस कथा में व्यासपीठ से परमपुज्य बाल व्यास श्री विष्णु शरण जी महाराज ने सत्संग का महत्व बताते हुए भगवान के भजनों पर भक्तों को खूब नचाया व कहा सारे पुराणों व उपनिषद का सार भागवत ही है, एकमात्र भागवत कथा श्रवण से मनुष्यों को जन्म जन्मांतरण के पापों से छुटकारा मिल जाता है।
श्रीमद्भागवत कथा में परीक्षितजी, शुकदेवजी मिलन, ध्रुव चरित्र, श्री वामन अवतार, गजेंद्र मोक्ष, प्रह्लाद चरित्र, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, भगवान कृष्ण बाल लीला, गोवर्धन पूजा, छप्पन भोग, कंस वध, गोपी उध्दव संवाद, श्रीकृष्ण रुक्मणि विवाह, श्रीकृष्ण सुदामा मिलन सहित कथा के दौरान आने वाले प्रसंगों का सजीव चित्रण किया जाएगा।संगीतमय भागवत कथा मोरवन बड़े मंदिर प्रांगण में 7 अगस्त से 13 अगस्त तक प्रातः 12 से 4 बजे तक होगी।