नीमच। जिले में पिछले दो सप्ताह से बारिश का दौर रूका हुआ है। बारिश की लंबी खेंच ने किसानों को चिंता में डाल दिया है। नागरिक भी बारिश नहीं होने से तेज उमस व गर्मी से परेशान हो रहे हैं। यहीं हाल समूचे एमपी का है। प्रदेश कुछ क्षेत्रों में जरूर हल्की बूंदाबांदी हुई। बाकी जगह मौसम साफ ही रहा।
मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो गुजरात के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है। इस वजह से मध्यप्रदेश के इंदौर-उज्जैन संभाग में इसका असर देखने को मिल रहा है। पिछले दो दिन से यहां बूंदाबांदी हो रही है। लोकल सिस्टम की वजह से भोपाल में बूंदाबांदी हो सकती है। 16 अगस्त को बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम बन रहा है। इसके कमजोर रहने की संभावना है। यह अगले 6 दिन तक रीवा, शहडोल, मंडला समेत पूर्वी हिस्से में बारिश कराएगा। इसके बाद प्रदेश में तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है। प्रदेश में अगले 24 घंटे के भीतर कहीं भी तेज बारिश होने का अनुमान नहीं है, लेकिन भोपाल, इंदौर, उज्जैन, मंदसौर, नीमच और नर्मदापुरम संभाग में हल्की बूंदबांदी हो सकती है। जबलपुर और ग्वालियर में धूप-छांव वाला मौसम रहने का अनुमान है।
दूसरे दिन भी खतरे के निशान से ऊपर बही नर्मदा-
बड़वानी में दूसरे दिन भी नर्मदा नदी खतरे के निशान से 8 मीटर ऊपर है। राजघाट पर जलस्तर 131.500 मीटर है। शाम तक यह और बढ़ सकता है। राजघाट से लगे खेत और यहां तक जाने का रास्ता डूबा हुआ है। बरगी और ओंकारेश्वर बांध से नर्मदा में पानी छोड़ा जा रहा है।