खरगोन। शहर में सूफी संत हज़रत सैय्यद मोहम्मद हिसामुद्दीन औलिया का सालाना उर्स पूरे श्रद्धा, अकीदत और उत्साह के साथ मनाया गया। दो दिवसीय आयोजन में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत कर दरगाह पर चादर पेश की और अमन, चौन व खुशहाली की दुआएं मांगी।
रविवार को चिस्तिया नगर से चादर शरीफ यात्रा निकाली गई। यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए भंडारी जिनिंग स्थित दरगाह पहुंची। यात्रा में शामिल अकीदतमंद कव्वालियों की धुन पर झूमते हुए आगे बढ़े। शहर के विभिन्न स्थानों पर लोगों ने चादर शरीफ यात्रा का स्वागत किया।
दरगाह पहुंचने पर हज़रत सैय्यद मोहम्मद हिसामुद्दीन औलिया की मजार पर चादर पेश की गई। इस दौरान देश में अमन-शांति, भाईचारे और समाज की खुशहाली के लिए विशेष दुआ की गई। आयोजकों ने बताया कि हर वर्ष आयोजित होने वाले इस उर्स में सभी धर्मों के लोग शामिल होते हैं, जो सांप्रदायिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल है।
चादरपोशी के बाद विशाल लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। सभी जाति और धर्म के लोगों ने एक साथ बैठकर भोजन कर सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे दो दिवसीय आयोजन शांतिपूर्ण और श्रद्धापूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।