रतलाम। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कि ओर से नागदा को जिला बनाने की घोषणा के बाद से ही विरोध के स्वर लगातार बढ़ते जा रहे हैं। दरअसल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नागदा, खाचरोद, आलोट ताल को मिलाकर नागदा को जिला बनाने की घोषणा की थी।
पहले नागदा विधानसभा की खाचरोद तहसील ने विरोध दर्ज कराया। ताल नगर के व्यापारी संगठन में तो लगातार विरोध किया, 1 दिन के लिए ताल नगर को बंद भी किया था। बाद में अनिश्चितकालीन धरना भी शुरू किया।
विक्रमगढ़ आलोट जिला बनाओ संघर्ष समिति के नेतृत्व में भी नागदा जिले में शामिल नहीं होने के लिए विरोध दर्ज कर अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन भी दिया था। आज जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि कालू सिंह परिहार के नेतृत्व में राजस्व विभाग के अपर सचिव चंद्रशेखर वालीमबे के समक्ष आपत्ति पेश की है।
मंगलवार को लाल नगर के व्यापारी संगठन भी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से मुलाकात कर नागदा जिले में शामिल नहीं होने के लिए अपनी आपत्ति पेश करेंगे। बता दें कि विक्रमगढ़ आलोट जिला बनाओ समिति की ओर से आलोट को ही जिला बनाने की मांग की जा रही है। इस मांग को क्षेत्रीय जनता का अच्छा खासा समर्थन मिल रहा है