BREAKING NEWS
KHABAR : पाली हाउस में पान की खेती से बदली अनिल की.. <<     मुरैना में कांग्रेस पर गरजे सिंधिया! बोले- 60.. <<     KHABAR : सांगा खेड़ा माताजी में गुर्जर समाज की.. <<     BIG NEWS : रॉन्ग साइड बाइक ने परिवार को मारी टक्कर, 2.. <<     नीमच में CM मोहन यादव का भव्य स्वागत! महिला.. <<     NEWS : श्रमण संघ चित्तौड़गढ़ के अध्यक्ष बने राजेश.. <<     NEWS : पाबूजी राठौड़ जन्मोत्सव पर निकली विशाल.. <<     KHABAR : रघुनाथगढ़ स्कूल में मेरे सपनों का भारत पर.. <<     BIG NEWS : सीएम डॉ. मोहन यादव का नीमच दौरा, विशेष.. <<     KHABAR : मुरैना में कांग्रेस पर गरजे सिंधिया, बोले-.. <<     KHABAR : रेल लाइन के लिए 56 घरों से अतिक्रमण हटाना.. <<     KHABAR : कृषि उपज मंडी में कपास के कम दामों पर भड़के.. <<     KHABAR : माता-पिता की अनदेखी पर आयोग अध्यक्ष.. <<     KHABAR : श्रीचंद्र भगवान का 532वां प्राकट्य दिवस.. <<     BIG REPORT : नीमच में खेल मैदान को लेकर फिर बढ़ी हलचल,.. <<     KHABAR : दादा धूनी दरबार में डेढ़ किलो सोना दान, 51.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
June 23, 2026, 12:24 pm
BIG NEWS : मासूम अली असग़र (अ.स.) की शहादत का दर्द सुन नम हुईं आंखें, नीमच की मजलिस में कर्बला की सबसे मार्मिक घटना का हुआ ज़िक्र, गहवारे की शबीह पर उमड़ी अकीदत, पढ़े खबर 

Share On:-

नीमच। मोहर्रम के अवसर पर आयोजित शिया मजलिस में शहीद-ए-कर्बला हज़रत अली असग़र (अ.स.) की शहादत को अत्यंत भावुक माहौल में याद किया गया। मजलिस में ज़ाकिर मौलाना नवाज़िश रज़ा हमीदी ने कर्बला की उस दर्दनाक घटना का उल्लेख किया, जिसे सुनकर अज़ादारों की आंखें नम हो गईं और पूरा माहौल ग़मगीन हो उठा।

मौलाना ने बयान किया कि कर्बला के मैदान में जब कई दिनों की प्यास से व्याकुल इमाम हुसैन (अ.स.) अपने छह माह के मासूम बेटे हज़रत अली असग़र (अ.स.) को गोद में लेकर दुश्मनों के सामने पानी की गुहार लगाने पहुंचे, तब रहम करने के बजाय एक ज़ालिम ने तीर चलाकर मासूम बच्चे की गर्दन को निशाना बना दिया। यह हृदयविदारक घटना कर्बला के सबसे मार्मिक प्रसंगों में से एक मानी जाती है।

उन्होंने कहा कि कर्बला केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि इंसानियत, सब्र, सत्य और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का अमर संदेश है। हज़रत अली असग़र (अ.स.) की शहादत आज भी दुनिया को यह सीख देती है कि हक़ और इंसाफ़ की राह में दी गई कुर्बानी कभी व्यर्थ नहीं जाती।

मजलिस के उपरांत हज़रत अली असग़र (अ.स.) की याद में गहवारे (झूले) की शबीह निकाली गई। बड़ी संख्या में अज़ादारों ने श्रद्धा और अकीदत के साथ इसमें शिरकत की तथा अश्कबार आंखों से मासूम शहीद-ए-कर्बला को ख़िराज-ए-अकीदत पेश किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान ग़म, अकीदत और आध्यात्मिक भावनाओं का माहौल बना रहा।
 

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE