गुना। कलेक्टर तरुण राठी निर्देशानुसार मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को आयकर तथा टीडीएस पर सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में डिप्टी कलेक्टर संजीव खेमरिया, जिला कोषालय अधिकारी राकेश कुमार सहित जिले के समस्त आहरण एवं संवितरण अधिकारी एवं लेखापाल उपस्थित थे।
सेमिनार में आयकर अधिकारी (टीडीएस) ग्वालियर दिवाकर तिवारी ने बताया कि आयकर की विवरणी समय पर फाइल की जाए एवं नियम अनुसार टीडीएस कटोत्रा किया जाए। इस दौरान उन्होंने आयकर अधिनियम 1961 की धारा 192 के अंतर्गत वेतन पर टीडीएस के प्रावधानों पर जानकारी दी। इसी दौरान टीडीएस/ टीसीएस की तिमाही विवरणियां फार्म 24क्यू, फार्म 26क्यू, फार्म 27क्यू, फार्म 26क्यू.बी., फार्म 26क्यू०सी० तथा टीसीएस के फार्म 27 ईक्यू के संबंध में प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसी तरह टीडीएस की विवरणियां 30 जून की 31 जुलाई तक, 30 सितंबर की 31 अक्टूबर तक, 31 दिसंबर की 31 जनवरी तकऔर 31 मार्च की 30 अप्रैल तक जमा करना अनिवार्य है। सेमिनार के दौरान बताया गया कि धारा 234ई के अंतर्गत निर्धारित समय सीमा में टीडीएस/ टीसीएस की तिमाही विवरणी दाखिल नही करने पर देरी के प्रत्येक दिन के लिए 200 रूपये की दर से शुल्क आरोपित किया जायेगा। इसी प्रकार धारा-271एच के अंतर्गत टीडीएस/टीसीएस की तिमाही विवरणी दाखिल नहीं करने अथवा गलत सूचना भरेने में एक वर्ष से अधिक का विलंब होने पर रूपये 10 हजार से रूपये 1 लाख तक की शास्ति का प्रावधान भी है। साथ ही उन्होंने बताया कि अपना-अपना रिर्टन स्वयं भरे एवं आयकर से संबंधित स्वंय के लॉगिन,पासवर्ड से चौक करते रहे। आहरण एवं संवितरण अधिकारियों द्वारा टीडीएस के प्रावधानों का पालन नही करने पर विभिन्न प्रकार की शास्तियां व अभियोजन के प्रावधानों के संबंध में जानकारी दी गई। सेमिनार में उपस्थित अधिकारियों की शंकाओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।