जावद । जावद नगर में शासकीय जमीनों पर कई अवैध कब्जे अतिक्रमणकर्ता द्वारा कर रखे हैं । इन दिनों शासकीय भूमि पर कब्जा करने की एक प्रतियोगिता चल रही है । नगर में जिसे जहां मौका मिल रहा है अपना कब्जा जमा रहा है और यह सब प्रशासन के ढुल मूल रवेये के चलते हो रहा हे। ऐसा ही एक मामला जावद नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है । जिला सरकारी बैंक के पास बावल रोड पर जहां नगर परिषद की शासकीय दुकानें निर्मित है उनके पास ही में एक अतिक्रमणकर्ता द्वारा शासकीय जमीन पर पत्थर की एक बाउंड्री बनाकर कब्जा कर रखा था । जिस पर अब वह पक्के निर्माण कर रहा है । बताया जा रहा है की उक्त अतिक्रमणकर्ता राजनीति में भी सक्रिय है जिसके चलते वहां रातों रात नीव खोदकर नीव भराई का कार्य अतिक्रमणकर्ता द्वारा कर दिया गया ।
उक्त मामला कलेक्टर जनसुनवाई में भी पहुंच गया है । एक प्रार्थी द्वारा 29 अगस्त 2023 को कलेक्टर जनसुनवाई में एक आवेदन प्रस्तुत कर बताया कि खाता खसरा संख्या 2455 /1 ओर 2455/2 जोकि शासकीय दस्तावेजों में मध्यप्रदेश शासन के नाम से दर्ज है । उस पर कब्जा कर अतिक्रमण किया जा रहा है । उक्त खसरा नंबर की भूमि की लगभग 50 वर्ष पूर्व सन 1970 के आसपास की जानकारी प्राप्त की तो उक्त खाता खसरा नंबर की भूमि मध्यप्रदेश शासन के खाते में दर्ज है । यह जानकारी उस वक्त की है जब जावद मंदसौर जिले के अंतर्गत आता था । उक्त भूमि को लेकर एक अन्य प्रार्थी द्वारा माननीय मुख्यमंत्री को भी एक पत्र दिनांक 24/11/2016 को लिखकर शिकायत दर्ज करवाई थी ।
राजनीतिक सपोर्ट के चलते उक्त अतिक्रमणकर्ता के हौसले बुलंद है ।जिसके चलते प्रशासन भी उक्त अतिक्रमण को नहीं रोक पा रहा है ।
वही उक्त भूमि को लेकर लोगों व आस पास वालो का कहना है की यह जमीन शासकीय भूमि है और उक्त जमीन के आगे बावल - मोरवन रोड एवं जमीन के पीछे जावद बायपास रोड निकल रहा है वही पास में नगर परिषद की दुकाने बनी हुई है तो फिर इतना सी भूमि उक्त व्यक्ति की निजी कैसे हो गई यह भी विचारणीय प्रश्न है। मामला दिन प्रतिदिन हाई प्रोफाइल होता जा रहा है।