सतना। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अनुराग वर्मा ने बताया कि निर्वाचन प्रक्रिया में भाग लेने वाले विभिन्न उम्मीदवारों को अलग से बैंक खाता खोलना अनिवार्य है। यह बैंक खाता नामांकन भरने से एक दिन पूर्व तक खोला जा सकेगा। नामांकन के लिये अभ्यर्थी को इस खाते की जानकारी रिटर्निंग ऑफीसर को देना अनिवार्य होगा। चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशानुसार अभ्यर्थी की निर्वाचन व्यय की मॉनीटरिंग इसी खाते से की जायेगी। विधानसभा निर्वाचन 2023 में निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों के खाता खोलने और एकाउन्ट स्टेटमेंट तथा चेकबुक की सुविधा संबंधित बैंकर्स तत्काल देना सुनिश्चित करें। बैंकर्स और निर्वाचन व्यय प्रकोष्ठ के अधिकारियों की बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी ने यह निर्देश दिये।
इस मौके पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी ऋषि पवार, एलडीएम गौतम शर्मा, व्यय नोडल अधिकारी देवेन्द्र द्विवेदी भी उपस्थित थे। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अभ्यर्थियों के बैंक खाते से लेन-देन और समुचित संचालन के लिये निर्वाचन आयोग ने दिशा-निर्देश भी जारी किये हैं। इसके अनुसार खाते से सभी लेन-देन यथासंभव क्रॉस चेक अथवा आरटीजीएस के माध्यम से किये जायेंगे। जरुरत पड़ने पर 20 हजार रुपये तक की नगद निकासी भी की जा सकती है। विभिन्न बैंकों में होने वाले संदेही लेन-देन अथवा एक लाख रुपये से अधिक के लेन-देन की रिपोर्ट जिला निर्वाचन कार्यालय को संबंधित बैंकर्स द्वारा दी जायेगी।
10 लाख रुपये से अधिक का लेन-देन संदिग्ध ट्रांजेक्शन की श्रेणी में होगा। जिसकी सूचना बैंकर्स द्वारा तत्काल जिला निर्वाचन कार्यालय एवं आयकर के नोडल अधिकारी को दी जायेगी। बैंकों की नगदी का परिवहन करते समय आउटसोर्सिंग एजेंसी अथवा बैंक अधिकारी को पहचान पत्र के साथ ही नगदी के परविहन से संबंधित दस्तावेज, अर्थारिटी लेटर, वाहन क्रमांक इत्यादि की जानकारी रखनी चाहिये। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बैंको के माध्यम से की जा रही स्वीप गतिविधियों की भी जानकारी ली। उन्होने कहा कि जिन बैंकर्स के नाम मतदाता सूची में नहीं जुडे़ हों वे वोटर हेल्पलाइन एप के माध्यम से या अपने बीएलओ के माध्यम से फॉर्म-6 प्रस्तुत कर जुड़वा सकते हैं। नाम-निर्देशन की अंतिम तिथि तक मतदाता सूची में नाम जोड़े जा सकते है। लेकिन इसके लिये प्रक्रिया अवधि के लिये 10 दिवस पूर्व फॉर्म-6 में आवेदन करना होगा।