खरगोन। नवरात्रि पर्व प्रारम्भ होने में अब केवल एक दिन शेष है। बड़वाह से करीब दो किमी दूर सुरम्य वन क्षेत्र में चोरल नदी के किनारे स्थित मां जयंती के दरबार में हजारों की संख्या में भक्त प्रतिदिन हाजरी लगाने पहुंचेंगे, लेकिन हाल ही हुई अतिवृष्टि के चलते चोरल नदी में आई बाढ़ का प्रभाव मंदिर पर भी पड़ा था।
मन्दिर मार्ग पर कटाव होने के साथ सीढ़ियों की फर्शी उखड़ गई थी। पहाड़ दरकने से भैरव बाबा के चबूतरे के क्षतिग्रस्त होने के साथ अन्य नुकसान भी हुआ था। हालांकि मंदिर के व्यवस्थापक पुजारी पंडित रामस्वरूप शर्मा की ओर से अन्य व्यवस्थाओं को तो दुरुस्त करवा दिया है, लेकिन मंदिर से कुछ दुरी पर चोरल नदी के समीप बने मंदिर पहुंच मार्ग की मिटटी का कटाव हो रहा है।
ऐसे में पं शर्मा ने प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है, कि वे इस पहुंच मार्ग के दुरुस्ती करण के साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा के उपाय भी करे, ताकि किसी तरह की कोई अप्रिय घटना न हो। उल्लेखनीय है की प्रतिवर्ष मन्दिर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए यहां आते है।
नवरात्र के अंतिम तीन दिन सप्तमी, अष्टमी व नवमी पर भीड़ अधिक रहती है। भक्तों के दर्शन का सिलसिला सुबह 5 बजे से शुरू होता है, जो देर रात 10 बजे तक चलता रहता है। ऐसे में पहुंच मार्ग दुरुस्ती करण के साथ रात्री के समय इस मार्ग पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था भी की जाना जरुरी है।
जयंती माता मन्दिर दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को केवल वन क्षेत्र में परेशानी नहीं होती। बल्कि फॉरेस्ट कॉलोनी से लेकर कबीट वाले नाग महाराज के मन्दिर तक का रोड बेहद खराब है। यहां दो-पहिया व चार पहिया वाहन चालकों को बेहद परेशानी होती है। नवरात्र के दौरान इस मार्ग पर ट्रेफिक का दबाव भी अधिक रहेगा और उन्हें इसी खस्ताहाल सड़क से गुजरना पड़ेगा।
यूं तो इस मार्ग पर सड़क निर्माण के लिए हाल ही में नगर पालिका की ओर से भूमिपूजन किया गया है, लेकिन नवरात्र में श्रद्धालुओं को परेशानी न आए। इसके लिए भी नपा की ओर से प्रयास करना चाहिए। मुरम आदि से गड्डों को भरवाया जाना बेहद ज़रुरी है। इन 9 दिनों में कई महिला-पुरुष श्रद्धालु पैदल बिना जूते-चप्पल के अपनी मन्नत अनुसार प्रतिदिन दर्शन के लिए जाएंगे।
बड़वाह थाने के नवागत थाना प्रभारी रामेश्वर ठाकुर ने जयंती माता मन्दिर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। यहां उन्होंने माताजी के मन्दिर में शीश नवाया, साथ ही पंडित महेंद्र शर्मा से सुरक्षा व्यवस्था व पार्किंग को लेकर चर्चा भी की। पंडित शर्मा के मुताबिक तहसीलदार शिवराम कनासे ने भी मन्दिर पहुंचकर तैयारियों के सम्बन्ध में बातचीत की थी। शुक्रवार से प्रशासन की ओर से बैरिकेडिंग व्यवस्था करने की बात कही है।