जबलपुर। छह करोड़ रुपए की फर्जी मूंग खरीदी मामले की जांच अभी भी कछुए गति से चल रही है। आलम यह है कि एक सप्ताह बाद भी जांच पूरी नहीं हो सकी है, जबकि मध्यप्रदेश शासन ने मूंग खरीदी में हुई गड़बड़ी की रिपोर्ट 3 दिन में बनाकर पेश करने के निर्देश दिए थे। दरअसल समर्थन मूल्य पर खरीदी गई मूँग की प्रदेश स्तर पर हुई ई-नीलामी में गड़बड़ी की शिकायत मध्यप्रदेश शासन को मिली थी,जिस पर मध्यप्रदेश शासन ने जबलपुर समेत कटनी और नर्मदापुरम में शिकायत पर मूंग खरीदी में हुई गड़बड़ी की जांच के आदेश दिए थे।
शासन के आदेश पर जबलपुर कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन ने मूंग खरीदी में हुई गड़बड़ी की जांच के लिए 5 सदस्यीय एक कमेटी का गठन किया था। इसमें अपर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, कृषि अधिकारी और पटवारी शामिल थे। 5 सदस्यीय टीम ने शिकायत के आधार पर जिले के 10 वेयरहाउस को चिन्हित किया था। जांच के दायरे में आए वेयर हाउस थे एकता वेयर हाउस, जय गोविंद वेयर हाउस, राजपूत वेयर हाउस, सुब्रत वेयर हाउस थे, सिद्वार्थ वेयर हाउस, आयुष एग्रो वेयर हाउस, महादेव वेयर हाउस,राज वेयर हाउस रिछाई, बड़खेड़ा की एमपीडब्ल्यूएलसी गोदाम, भेड़ाघाट का भगवती वेयर हाउस और चरगवां का मयंक वेयर हाउस की जांच करना था।
कलेक्टर के निर्देश पर सभी वेयरहाउस की जांच को 3 दिनों में करने के बाद रिपोर्ट देने के लिए कहा गया था, लेकिन राजस्व, प्रशासनिक और कृषि विभाग के जिम्मेदारों से सुसज्जित टीम ने 10 वेयरहाउस की जांच करने में एक हफ्ते से ज्यादा का समय लगा दिया, लेकिन अभी तक 9 वेयरहाउस की ही जांच पूरी हो सकी है, जबकि अभी भी एक वेयरहाउस की जांच होना बाकी है।
बताया यह भी जा रहा है कि एक वेयर हाउस की रिपोर्ट को लेकर जांच टीम के सदस्यों में सामंजस्य नहीं बन पा रहा थी, इस वजह से जांच पूरी नहीं हो सकी है। बता ड़े कि ई-टेंडरिंग के माध्यम से बेची गई मूंग में संबंधित खरीददार ने गुणवत्ता सही नहीं होने का आरोप लगाते हुए मूंग का उठाव कराने से मना कर दिया था, इसके साथ ही मामले की शिकायत डब्ल्यूएचएलसी वेयर हाउसिंग एंड लाजिस्टिक्स कार्पाेरेशन के एमडी को भी की गई थी, जिस पर डब्ल्यूएचएलसी वेयर हाउसिंग एंड लाजिस्टिक्स कार्पाेरेशन के एमडी ने कलेक्टर को जांच कमेटी गठित कर शिकायत की पड़ताल कराने के लिए निर्देशित किया था। कहा गया था कि शिकायत पर जांच कर तीन दिनों में जांच रिपोर्ट भोपाल भेज दी जाए, बावजूद इसके अब तक जांच अटकी हुई है।
जांच टीम के सदस्य उप संचालक कृषि विभाग रवि कुमार आम्रवंशी की माने तो रिजेक्ट हुई मूंग में जबलपुर जिले में 92 हजार क्विंटल मूंग है, जिले के 10 वेयरहाउस की जांच करने के निर्देश थे, जांच करने में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ा इसलिए वक्त लगा है, जांच पूरी हो चुकी है, जल्द ही रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी जाएगी।